जेजे एक्ट व बाल संरक्षण पर विस्तृत चर्चा

बालहित कार्य को अपने रूटिन में शामिल करें अधिकारी

अररिया. डीएम अनिल कुमार की अध्यक्षता में जेजे एक्ट, बाल विवाह की रोकथाम, बाल तस्करी पर रोक, एक युद्ध नशे के विरुद्ध व बाल संरक्षण से संबंधित मामलों को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. समाहरणालय स्थित परमान सभागार में आयोजित कार्यशाला सह जागरूकता कार्यक्रम का उद्घाटन डीएम ने किया. उन्होंने जेजे एक्ट, बाल संरक्षण संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा करते हुए कार्यशाला में उपस्थित सभी थाना प्रभारी, सीडब्लूपीओ सहित संबंधित अन्य अधिकारियों को निर्देश दिये. उन्होंने कहा कि बालहित को अधिकारी अपने रूटीन कार्य में शामिल करें. जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक शंभु कुमार रजक कार्यशाला में सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के उद्देश्य के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. यूनिसेफ पटना से आये बाकू बिहारी सरकार, शाहिद जावेद व मो सैफुलरहमान ने उपरोक्त विषयों पर विस्तृत चर्चा की. कार्यशाला में सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप, डीएसपी मुख्यालय मो फखरे आलम, डीपीओ आईसीडीएस सह चेयरपर्सन सीडब्लूसी मंजुला कुमारी व्यास, सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक नीतेश कुमार पाठक, बाल संरक्षण पदाधिकारी बबलू कुमार पाल सहित महिला विकास निगम के अधिकारी व कर्मी गैर सरकारी संगठन, जिला बाल संरक्षण इकाई के कर्मी मौजूद थे.44

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पर्यवेक्षण गृह में प्रतियोगिता का आयोजन

अररिया. जिला प्रशासन व जिला बाल संरक्षण इकाई के संयुक्त तत्वावधान में जिला पर्यवेक्षण गृह में बच्चों के सर्वांगीण विकास व मानसिक सृजनशीलता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन गुरुवार को किया गया. इस अवसर पर बच्चों ने कुर्सी दौड़, ग्लास दौड, गणित दौड़, हिंदी शब्द दौड़, अंग्रेजी शब्द दौड़, संगीत, नाल वादन, ऊंची छलांग, लंबी छलांग जैसी प्रतिस्पर्धाओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया. कार्यक्रम में भाग लेते हुए जिलाधिकारी अनिल कुमार ने प्रतियोगिता में सफल प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र व उपहार देकर पुरस्कृत करते हुए उनका उत्साहवर्द्धन किया. साथ ही डीएम ने बच्चों के साथ अल्पाहार भी ग्रहण कर उनका मनोबल बढ़ाया. इस क्रम में उन्होंने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियों से न केवल बच्चों की सोच व रचनात्मकता विकसित होती है. बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है. जिलाधिकारी ने पर्यवेक्षण गृह में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया. मौके पर बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक शंभू रजक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग सहायक निदेशक नितेश कुमार पाठक, जेजेबी के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट स्कंद राज, पर्यवेक्षण गृह के अधीक्षक सहित संबंधित अन्य अधिकारी व कर्मी मौजूद थे.45

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