डीएम ने की कार्यक्रम की समीक्षा, अधिकारियों को दिये जरूरी दिशा-निर्देश
अररिया. वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में संबंधित अधिकारियों के साथ मासिक समीक्षा बैठक हुई. बैठक में डीएलसी के सभी सदस्य मौजूद थे. समीक्षा बैठक में कार्यक्रम के तहत गेप मेपिंग व विलेज एक्शन प्लान के प्रारूप पर विस्तृत चर्चा हुई. डीएम ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम भारत सरकार की एक विशेष योजना है. इसका उद्देश्य सीमावर्ती गांवों को विकसित, सशक्त व आत्मनिर्भर बनाना है. उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को बेहतर आपसी समन्वय स्थापित करते हुए समयबद्ध व योजनाबद्ध तरीके से योजना के निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने का निर्देश दिया. बताया गया कि सीमावर्ती व योजना के चिह्नित गांवों के समग्र विकास के लिए सभी संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारी व भूमिका का जिम्मेदारी पूर्वक निर्वह्न करें.फारबिसगंज, कुर्साकांटा व नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र के गांव हैं चयनित
बताया गया कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती चयनित गांवों की सूची में फारबिसगंज प्रखंड के बैजनाथपुर, दमादिघी, हथवा, पोखरिया, कुर्साकांटा प्रखंड के लैलोखर, सुंदरी नरपतगंज प्रखंड अंतर्गत बेला, भवानीपुर, डुमरबन्ना, घुरना, गोसाई, पछियारी मानिकपुर गांव शामिल हैं. बैठक में योजना के तहत चयनित गांवों में उपलब्ध कराये जाने वाली योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गयी. इसमें चयनित गांव में बुनियादी सुविधा, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छ पेयजल, कम्युनिटी हॉल, लाइब्रेरी की उपलब्धता सुनिश्चित कराने पर विशेष जोर दिया गया. डीएम ने जिला योजना पदाधिकारी सह योजना के नोडल अधिकारी को एक सप्ताह के अंदर सभी चयनित गांवों का भ्रमण करते हुए संभावित महत्वपूर्ण योजना संबंधी अद्यतन रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया.
बैठक में थे मौजूद
बैठक में डीडीसी रोजी कुमारी, सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप, डीइओ संजय कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी मनीष कुमार, एसएसबी के कमांडेंट, डीपीओ आइसीडीएस कविता कुमारी सहित संबंधित अन्य अधिकारी मौजूद थे.
