भारत की जनगणना 2027: अररिया में DCHB प्रशिक्षण का उप-महारजिस्ट्रार ने किया निरीक्षण

भारत की जनगणना 2027 के तहत, अररिया में जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (DCHB) के निर्माण के लिए क्षेत्रीय कर्मियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. उप-महारजिस्ट्रार ने निरीक्षण कर डेटा की गुणवत्ता और प्रामाणिकता पर ज़ोर दिया.

भारत की जनगणना 2027 के अंतर्गत 'जिला जनगणना हस्तपुस्तिका' (DCHB) के निर्माण को लेकर अररिया के डीआरडीए (DRDA) सभागार में क्षेत्रीय कर्मियों का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. मंगलवार को उप-महारजिस्ट्रार सह अपर मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी (बिहार, पटना) मृत्युंजय कुमार ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, अध्ययन सामग्री और सहभागियों की उपस्थिति व सतर्कता का गहन जायजा लिया.

"गुणवत्तापूर्ण और प्रामाणिक हो फील्ड सर्वे का डाटा"

निरीक्षण के क्रम में उप-महारजिस्ट्रार मृत्युंजय कुमार ने उपस्थित प्रशिक्षुओं और फील्ड सर्वेयरों को संबोधित करते हुए जनगणना आंकड़ों की महत्ता पर प्रकाश डाला:

"जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (District Census Handbook) किसी भी जिले की मूलभूत संरचना, नागरिक सुविधाओं, जनसांख्यिकी और विकास संबंधी आंकड़ों का एक महत्वपूर्ण व आधिकारिक दस्तावेज होती है. भविष्य की सभी सरकारी योजनाओं और नीतियों का खाका इसी के आधार पर तैयार होता है. इसलिए फील्ड सर्वे के दौरान जुटाई जाने वाली एक-एक प्रविष्टि पूरी तरह सही, प्रामाणिक और गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए."

शत-प्रतिशत त्रुटिरहित डाटा संकलन का निर्देश

अपर मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी ने क्षेत्रीय कर्मियों को सख्त हिदायत दी कि सर्वेक्षण के दौरान भारत सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों और कार्यप्रणाली का पूरी निष्ठा से पालन किया जाए:

  1. सत्यापन के बाद ही एंट्री: उन्होंने कहा कि प्रत्येक जानकारी का धरातल पर सावधानीपूर्वक सत्यापन (Cross-Verification) करने के बाद ही डेटाबेस में दर्ज किया जाए, ताकि तैयार होने वाली हस्तपुस्तिका पूरी तरह त्रुटिरहित, उपयोगी और भरोसेमंद बने.
  2. व्यावहारिक प्रशिक्षण पर जोर: उप-महारजिस्ट्रार ने राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स से अब तक की प्रगति की जानकारी ली और निर्देश दिया कि प्रशिक्षण को केवल सैद्धांतिक न रखकर अधिक व्यावहारिक (Practical) व सहभागितापूर्ण बनाया जाए.
  3. समय-सीमा में कार्य पूरा करने का लक्ष्य: उन्होंने भरोसा जताया कि इस गहन प्रशिक्षण से क्षेत्रीय कर्मियों की कार्य-दक्षता बढ़ेगी और आगामी फील्ड सर्वे का काम तय समय-सीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूरा कर लिया जाएगा.

जिला स्तरीय अधिकारी रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान डीआरडीए सभागार में अपर जिला जनगणना अधिकारी, संबंधित चार्ज अधिकारी, राज्य स्तरीय प्रशिक्षक तथा प्रशिक्षण ले रहे बड़ी संख्या में क्षेत्रीय कर्मी और गणनाकार उपस्थित रहे.

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