पवित्र श्रावण मास के अवसर पर सेवा और समर्पण की अनूठी मिसाल पेश करते हुए डाक बम सेवा समिति, अररिया आरएस का पहला जत्था रविवार सुबह मंदार पर्वत (मोतिहारी) के लिए रवाना हुआ. जत्थे के प्रस्थान के समय पूरा अररिया आरएस बाजार 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा. स्थानीय नागरिकों ने ढोल-नगाड़ों और नारों के बीच समिति के सदस्यों को विदा किया.
कई वर्षों से जारी है सेवा की परंपरा
समिति के सदस्य राम कुमार भगत ने जानकारी देते हुए बताया कि हर वर्ष सावन के महीने में समिति द्वारा मंदार पर्वत स्थित डाक बम पथ पर शिविर लगाकर निरंतर सेवा कार्य किया जाता है. उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी, उमस और कंकड़ीले-पथरीले रास्तों के बावजूद कांवड़ियों और डाक बमों की सेवा में तत्पर रहना ही समिति की मुख्य पहचान है. इस सेवा कार्य से समाज में सुख, शांति और समृद्धि का प्रवाह होता है.
24 घंटे नि:शुल्क स्वास्थ्य व फल-पानी की व्यवस्था
जत्थे में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि डाक बम पथ पर 24 घंटे लगातार सेवा दी जाएगी ताकि देवघर जाने वाले कांवड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो.
शिविर में कांवड़ियों के लिए निम्नलिखित व्यवस्थाएं की गई हैं:
- खान-पान: ताजे फल, केला, ठंडा व नींबू पानी, गर्म जल की व्यवस्था.
- स्वास्थ्य एवं आराम: पैरों की मालिश, प्राथमिक उपचार एवं आवश्यक जीवनरक्षक दवाएं.
सेवा कार्य में जुटे समिति के सदस्य
इस पुनीत सेवा कार्य को सफल बनाने के लिए समिति के कई सदस्य जत्थे के साथ रवाना हुए हैं. इनमें श्याम भगत, संजीव झा, नवीन कुमार, शशांक कुमार, राजन गुप्ता, विवेक कुमार, सुभाष, अंकित, प्रवीण, अशोक, आशीष पटेवा और भानु प्रताप सिंह सहित समिति के अनेक कार्यकर्ता शामिल हैं.
