कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) अंचल परिषद भरगामा के बैनर तले गुरुवार को जनसमस्याओं और प्रशासनिक मनमानी के खिलाफ जोरदार 'इंसाफ मार्च' निकाला गया. यह मार्च भरगामा बाजार के प्रमुख मार्गों से होते हुए सीधे प्रखंड मुख्यालय परिसर पहुंचा.
मार्च के दौरान पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की थाप पर कार्यकर्ता लाल झंडे थामकर 'जो जमीन सरकारी है वो जमीन हमारी है', 'अंचल में लूट-खसोट बंद करो' और 'सांप्रदायिकता मुर्दाबाद' के गगनभेदी नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे.
प्रखंड मुख्यालय में धरना, अंचल कर्मियों की मनमानी पर फूटा गुस्सा
प्रखंड मुख्यालय पहुंचने के बाद सभी कार्यकर्ता विशाल धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए. धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता भूदेव उरांव ने की, जबकि मंच संचालन शंभू झा द्वारा किया गया.
सभा को संबोधित करते हुए सीपीआई अंचल सचिव अशोक श्रीवास्तव ने भरगामा अंचल कार्यालय में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार और सुस्ती पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने आरोप लगाया कि अंचल में बिना चढ़ावे के कोई काम नहीं होता और कर्मियों द्वारा गरीब व असहाय रैयतों का खुलेआम आर्थिक दोहन किया जा रहा है.
परिमार्जन, नामांतरण और परिसीमन में अवैध वसूली का आरोप
अध्यक्षता कर रहे भूदेव उरांव ने कहा कि भरगामा अंचल क्षेत्र में परिसीमन और जमाबंदी सुधार के नाम पर भोले-भाले ग्रामीणों को महीनों दौड़ाया जाता है और संबंधित कर्मियों द्वारा उनसे नाजायज वसूली की जाती है.
मंच संचालक शंभू झा ने दाखिल-खारिज (नामांतरण) और परिमार्जन पोर्टल पर आवेदनों के निष्पादन में हो रही हीलाहवाली पर तत्काल रोक लगाने की मांग की. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था के बावजूद अंचल में दलालों का नेटवर्क हावी है, जिसे प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है.
बीडीओ को सौंपा 10 सूत्री मांग पत्र, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
धरना-प्रदर्शन के समापन के बाद अंचल सचिव अशोक श्रीवास्तव के नेतृत्व में सीपीआई के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) भरगामा को 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा.
ज्ञापन में मुख्य रूप से परिसीमन के लिए दाखिल सभी आवेदनों का त्वरित निष्पादन, धनेश्वरी पंचायत के आदिवासी टोला वार्ड संख्या 3 में पक्की सड़क व पुलिया का निर्माण, सभी पात्र भूमिहीन परिवारों को आवास हेतु 5-5 डिसमिल जमीन का पर्चा देने तथा नामांतरण, परिमार्जन और जमीन की सरकारी मापी (भू-मापी) के नाम पर अंचल कर्मियों द्वारा की जा रही अवैध उगाही पर तत्काल पूर्ण रोक लगाने की मांग की गई है. नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा.
बड़ी संख्या में जुटे वामपंथी कार्यकर्ता और ग्रामीण
इस इंसाफ मार्च और धरना प्रदर्शन में सीपीआई के जिला मंत्री गिरानंद पासवान, देवकी देवी, रिंकू झा, ज्ञान देवी, मो. नौशाद आलम, मंगल सोरेन सहित भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, महिला समूह और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे.
