पर्यावरण के लिए गौरैया का संरक्षण जरूरी

विश्व गौरैया दिवस पर नवोदय विद्यालय में परिचर्चा आयोजित

अररिया. विश्व गौरैया दिवस पर पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय अररिया में कला शिक्षक राजेश कुमार ने बच्चों को वैश्विक जानकारी दी. कहा कि वर्तमान समय की चुनौतियां वैश्विक रूप धारण कर चुकी हैं. इसलिए छात्र जीवन में जब मुख्य विषय पर ही हमारा फोकस रहता था तो कला, संगीत व खेलकूद व अन्य विषयों को गैर शैक्षणिक गतिविधि में शामिल किया जाता था. आज परिस्थितियां बिल्कुल अलग है. तभी नयी शिक्षा 2020 के अंतर्गत कला, संगीत, खेलकूद, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, स्वच्छता, संगणक आदि पहलुओं को प्रमुख विषय के रूप में गिना जाने लगा है. इन क्षेत्रों में कैरियर की संभावनाओं के साथ-साथ समय की मांग बढ़ी है. एक छोटा सा पक्षी गौरेया जिसे बिहार का राजकीय पक्षी का दर्जा प्राप्त है. पर्यावरण संकट व बदलते जीवन शैली के कारण विलुप्त हो रही है. जिसका जीवन मनुष्य के आसपास के वातावरण को जीवंत करने वाला, किसान का मित्र कतिपय कारणों से आज की पीढ़ी को देखना दुर्लभ सा हो गया है. अररिया के पर्यावरणविद् सूदन सहाय व पटना के संजय कुमार का नाम चर्चा में शामिल किया. उनके द्वारा इस दिशा में किए गए प्रयासों की भी जानकारी दी. साथ ही एनवायरनमेंट वारियर्स निदेशक निशांत रंजन की टीम द्वारा तैयार संगीत “गौरैया आ जा ” बच्चों को सुनाया. गौरैया संरक्षण के साथ-साथ सभी जीव-जंतु पारिस्थितिकी तंत्र का अभिन्न हिस्सा है. जिसके संरक्षण का जिम्मा हम सभी को लेना ही होगा. मौके पर विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य मनोज कुमार सिंह सहित अन्य शिक्षक मौजूद थे.

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