ईश्वर से जुड़ाव ही मोक्ष का मार्ग : हरि दास
शरीर व संसार दोनों नश्वर
फारबिसगंज. सनातन सत्संग समिति फारबिसगंज के तत्वावधान में सिद्ध सागर भवन में आयोजित श्रीराम कथा के दुर्लभ सत्संग के पांचवें दिन प्रातःकालीन सत्र में व्यासपीठ से प्रवचन करते हुए बाल संत श्री हरि दास महाराज जी ने कहा कि यह शरीर व यह संसार दोनों ही नाशवान हैं. उन्होंने संसार व शरीर की नश्वरता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि स्थायी केवल आत्मा है. इसलिए मानव जीवन का उद्देश्य आत्मिक उन्नति होना चाहिए. महाराज जी ने बताया कि संसार की भौतिक आसक्तियां मनुष्य को बंधन में बांधती हैं. जबकि आसक्ति से मुक्ति प्राप्त कर आत्मा को परमात्मा से जोड़ना ही मोक्ष का मार्ग है. उन्होंने आत्मा की मुक्ति व ईश्वर से जुड़ाव की सरल विधियों को उदाहरणों के माध्यम से समझाया, जिससे श्रोता भावविभोर हो उठे.
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