शिलान्यास के बाद भी लटका कन्या विवाह मंडप का निर्माण, मुखिया प्रतिनिधि ने राजस्व मंत्री दिलीप जायसवाल को सौंपा ज्ञापन

अररिया जिले के फारबिसगंज में 'मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना' का निर्माण अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) न मिलने से अधर में लटका है. मुखिया प्रतिनिधि ने इस प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ राजस्व मंत्री से गुहार लगाई है.

अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत राज पुरवारी झिरूआ में 'मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना' का विधिवत शिलान्यास हो जाने के बावजूद अंचलाधिकारी (CO) द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) निर्गत नहीं किए जाने से निर्माण कार्य पूरी तरह अधर में लटका हुआ है. इस गंभीर प्रशासनिक लापरवाही को लेकर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मो. कमाल उद्दीन ने बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल को आवेदन सौंपकर त्वरित हस्तक्षेप की गुहार लगाई है.

नशा मुक्त भारत कार्यक्रम के दौरान सौंपा गया ज्ञापन

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल फारबिसगंज कॉलेज परिसर में आयोजित "नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान" कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे. इसी दौरान मुखिया प्रतिनिधि मो. कमाल उद्दीन ने उनसे मुलाकात कर पूरी स्थिति से अवगत कराया.

क्या है पूरा मामला और भूमि का विवरण?

मंत्री को सौंपे गए आधिकारिक आवेदन के अनुसार, विवाह मंडप निर्माण के लिए पूरी प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की गई थी:

  • चयनित भूमि: मौजा - अड़राहा मदारगंज, खाता संख्या - 581, खेसरा संख्या - 1699 (कुल रकबा - 31 डिसमिल).
  • जांच प्रक्रिया: हलका कर्मचारी एवं अंचल अमीन की संयुक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर ही इस स्थल का चयन कर विवाह मंडप का विधिवत शिलान्यास किया गया था.
  • अवरोध का कारण: शिलान्यास के बाद समीप स्थित एक स्थानीय हाट संचालक और कुछ स्थानीय राजनीतिक प्रभाव वाले लोगों द्वारा कथित निराधार आपत्ति दर्ज कराई गई, जिसके बाद अंचल कार्यालय द्वारा NOC रोक दिया गया और काम बंद हो गया.

आपत्तियों को बताया निराधार

मुखिया प्रतिनिधि ने आवेदन के माध्यम से स्पष्ट किया कि दर्ज कराई गई आपत्तियां पूरी तरह बेबुनियाद हैं:

  • सीमा विवाद का खंडन: जिस हाट का हवाला देकर विरोध किया जा रहा है, वह 'औराही पंचायत' क्षेत्र में संचालित होता है.
  • वास्तविक स्थिति: जबकि कन्या विवाह मंडप का शिलान्यास पूरी तरह से झिरूआ पुरवारी पंचायत के 'मदारगंज मौजा' की चिन्हित सरकारी भूमि पर हुआ है.

गरीब परिवारों को हो रहा भारी नुकसान

मो. कमाल उद्दीन ने कहा कि अंचल प्रशासन द्वारा NOC जारी न किए जाने के कारण पंचायत के गरीब परिवारों और बेटियों को राज्य सरकार की इस अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है. उन्होंने मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल से मांग की कि वे फारबिसगंज अंचलाधिकारी को अविलंब एनओसी (NOC) निर्गत करने का सख्त निर्देश दें, ताकि रुका हुआ निर्माण कार्य पुनः शुरू हो सके.


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By कलीमउद्दीन

कलीमउद्दीन प्रिंट माध्यम में 24 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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