सीबीआइ की टीम पहुंची अररिया, आमजनों के लिए व्हाट्सएप नंबर व ई-मेल आइडी किया जारी

भ्रष्ट लोक सेवकों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई

अररिया.

सीबीआइ पटना की एक विशेष टीम ने जिला में भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी के खिलाफ एक व्यापक जन जागरूकता अभियान शुरू किया है. जिसमें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, पटना की दो सदस्यीय टीम गुरुवार को अररिया पहुंची व मीडिया के माध्यम से आमजनों से अपील की है. साथ ही शहर के कई इलाकों में आमलोगों को जागरूक करने के लिए बैनर व पोस्टर भी चिपकाये हैं. अपील में कहा गया कि केंद्र सरकार से संबंधित किसी भी कार्यालय जैसे पोस्ट ऑफिस, जीएसटी, आयकर विभाग, बैंकों, बीमा कंपनी में भ्रष्टाचार-रिश्वत से संबंधित कोई मामला दिखे तो सीबीआइ को इस मामले में सीधे शिकायत की जा सकती है. शिकायत मिलने पर सीबीआई भ्रष्टाचार के केस में मिले शिकायत पर सीधे कार्रवाई करेगी. दरअसल, सीबीआई पटना की टीम भ्रष्टाचार के विरुद्ध जागरूकता अभियान चला रही है. इसी क्रम में गुरुवार को सीबीआई पटना की दो सदस्यीय टीम अररिया पहुंची. टीम ने बताया कि उनके द्वारा केंद्र सरकार से संबंधित कार्यालय व उपक्रमों में भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. विभिन्न कार्यालय में जागरूकता से संबंधित पोस्ट भी चिपकाये गये हैं. इसके अलावा बैंक, जीवन बीमा कंपनी आदि के कार्यालय में पहुंचकर लोगों को जानकारी दी गयी. किसी भी कार्यालय में अधिकारी या कर्मी, यदि कोई भ्रष्टाचार करता है या रिश्वत मांगता है तो इसकी शिकायत अब सीधे सीबीआई से की जा सकती है. बताया गया कि भ्रष्टाचार के मामलों को देखने या सरकारी अधिकारियों द्वारा रिश्वत की मांग किये जाने पर नागरिकों को ऐसे मामलों की सूचना देने के लिए प्रोत्साहित भी किया जाता है.

व्हाट्सएप नंबर 9431005682 अथवा फोन नंबर 0612-2235588 पर सीधे करें शिकायत

कार्यालय में किसी भी काम के लिए यदि कर्मियों द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है तो इसकी जानकारी विभाग द्वारा जारी किये गये व्हाट्सएप नंबर 9431005682 अथवा फोन नंबर 0612-2235588 व ईमेल आइडी hobacpat@cbi.gov.in पर दी जा सकती है. किसी भी शख्स को यदि यह जानकारी मिलती है कि किसी सरकारी विभाग में करप्शन है या फिर किसी जगह पर रिश्वतखोरी हो रही है तो वह इस बारे में सीबीआई को शिकायत कर सकता है. शिकायत के पक्ष में सबूत देने होते हैं. सीबीआई को यदि लगता है कि सबूत पुख्ता है या फिर छानबीन की जरूरत है तो सीबीआई प्रारंभिक जांच करती है. पुख्ता सबूत जुटाने के बाद सीबीआई एफआइआर दर्ज करती है.भ्रष्ट लोक सेवकों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाईलापू कानून के मुताबिक भ्रष्टाचार के केस में आरोपी सरकारी अधिकारी होना चाहिये. किसी प्राइवेट शख्स के खिलाफ शिकायत है तो उसका संबंध सरकारी अधिकारी से होना चाहिये, तभी सीबीआई केस दर्ज करती है. करप्शन के केस में शिकायती के लिए यह जरूरी नहीं है कि वह खुद ही पीड़ित हो. यदि किसी शख्स को किसी सरकारी विभाग में काम कराने के लिए उससे रिश्वत की मांग की जाती है तो वह इसकी शिकायत सीबीआइ से कर सकते हैं.

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