अररिया के नरपतगंज से संजीव कुमार यादव की रिपोर्ट
Bullodozer Action: राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगने वाले जाम को खत्म करने और सड़क हादसों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और स्थानीय सिविल प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. अररिया जिला अंतर्गत नरपतगंज से लेकर फारबिसगंज सीमा तक एनएच-27 (NH 27) के दोनों किनारों पर किए गए भारी अतिक्रमण को हटाने की प्रशासनिक कवायद युद्धस्तर पर शुरू हो गई है. नरपतगंज के अंचल अधिकारी (CO) रवींद्र कुमार के निर्देश पर प्रभावित इलाकों में लाउडस्पीकर के जरिए लगातार माइकिंग (घोषणा) कराई जा रही है. प्रशासन ने सख्त लहजे में अतिक्रमणकारियों को अपनी दुकानें और अवैध निर्माण स्वतः हटाने के लिए महज 24 घंटे की मोहलत दी है. इस कड़े अल्टीमेटम के बाद बियाबान और मुख्य बाजारों में हड़कंप मच गया है और लोग खुद ही अपने आशियाने व दुकानें समेटने में जुट गए हैं.
18 किलोमीटर के दायरे में है अवैध कब्जा; अमीन की टीम कर रही है कड़क मार्किंग
- 18 किमी की सीमा प्रभावित: आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नरपतगंज से फारबिसगंज तक लगभग 18 किलोमीटर की परिधि में एनएच के दोनों ओर लोगों ने पक्के-कच्चे मकान, दुकानें, गैरेज और मवेशी शेड बनाकर सरकारी जमीन को अवैध रूप से अतिक्रमित कर लिया था.
- अमीन द्वारा पक्की पैमाइश: एनएचएआई विभाग के वरीय अधिकारियों द्वारा दिए गए लिखित आवेदन और शिकायत के बाद, अंचल अधिकारी रवींद्र कुमार और एनएचएआई के पदाधिकारियों की संयुक्त मौजूदगी में अमीन की एक विशेष टीम तैनात की गई है. यह टीम चूना और लाल रंग के जरिए एनएच की वास्तविक जमीन को चिन्हित (मार्किंग) कर रही है, ताकि कोई संशय न रहे.
“समय सीमा खत्म होते ही गरजेगा बुलडोजर”; सीओ रवींद्र कुमार की दो टूक
स्वतः कब्जा हटाने की मची होड़: प्रशासन द्वारा कराई जा रही इस कड़क माइकिंग और चेतावनी का असर धरातल पर दिखने लगा है. कार्रवाई और आर्थिक नुकसान के डर से बड़ी संख्या में छोटे दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों और पक्के निर्माण करने वाले लोगों ने अपने स्तर से ही हथौड़े और कटर चलाकर अतिक्रमण मुक्त करने की कवायद तेज कर दी है.
प्रशासनिक रुख और कड़क हिदायत:
पूरे मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए नरपतगंज के अंचल अधिकारी रवींद्र कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग की जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इसके लिए एनएचएआई और स्थानीय अंचल प्रशासन की संयुक्त टीम लगातार मॉनिटरिंग कर रही है.
सीओ ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि 24 घंटे की तय समय सीमा (डेडलाइन) समाप्त होते ही चिन्हित स्थानों पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर (JCB) चलाकर बलपूर्वक अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा. इस दंडात्मक कार्रवाई के दौरान होने वाले तमाम प्रशासनिक खर्च (जुर्माना) की वसूली भी संबंधित अतिक्रमणकारियों से ही की जाएगी. इसके साथ ही सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ स्थानीय थाने में प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज कराई जाएगी.
