झमटा-महिषाकौल पुल की जांच करने पहुंची टीम, मीडिया से बनाई दूरी, धधकती धूप में स्टार्ट रही अफसरों की फॉर्च्यूनर

Bridge Collapse Investigation: करोड़ों की लागत से बना पुल तीन साल भी नहीं टिक पाया और जब जांच टीम पहुंची, तो उनका वीआईपी अंदाज देखकर जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. अररिया से आई यह खबर प्रशासनिक संवेदनहीनता की बड़ी कहानी बयां कर रही है.

Bridge Collapse Investigation: अररिया से मृगेंद्र मणि सिंह की रिपोर्ट: अररिया के झमटा-महिषाकौल पुल का पाया धंसने के मामले में ग्रामीण कार्य प्रमंडल (RWD) के ब्रिज एक्सपर्ट अरुण मिश्रा और चीफ इंजीनियर दीप नारायण प्रसाद शुक्रवार को जांच के लिए पहुंचे. टीम ने पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की इंच-टेप से मापी की और मौका मुआयना किया, लेकिन इस दौरान पूरी टीम हड़बड़ी में दिखी और मीडिया के सवालों से पूरी तरह दूरी बनाए रखी.

पीएम-सीएम की अपील बेअसर, बंद नहीं हुआ गाड़ी का इंजन

एक तरफ पेट्रोल क्राइसिस की आशंका को देखते हुए प्रधानमंत्री ने ईंधन की खपत कम करने की अपील की है, जिसके बाद खुद सीएम सम्राट चौधरी पैदल सचिवालय पहुंचे और कई जिलों के डीएम साइकिल से ऑफिस जा रहे हैं. इसके विपरीत, अररिया पहुंचे इन जांच अधिकारियों का रुतबा अलग ही नजर आया. पुल के निरीक्षण के दौरान अफसरों की फॉर्च्यूनर गाड़ी का इंजन और एसी लगातार स्टार्ट रहा. इस फिजूलखर्ची को देखकर स्थानीय ग्रामीणों ने तंज कसते हुए कहा कि साहब लोगों पर किसी की अपील का असर नहीं होता और जनता की गाढ़ी कमाई को मौज में उड़ाया जा रहा है.

तीन साल में ही धंस गया पुल, ग्रामीणों में भारी असंतोष

करोड़ों रुपये की भारी-भरकम लागत से बना यह पुल अपनी निर्माण अवधि के तीन साल भी पूरे नहीं कर सका और इसका पाया धंस गया. जांच टीम के लापरवाह रवैये और धधकती धूप में लगातार चल रहे वाहन के इंजन व एसी की आवाज से स्थानीय लोग बेहद नाराज दिखे. ग्रामीणों ने इस निर्माण कार्य में बड़े भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी ठेकेदारों व इंजीनियरों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग को एक बार फिर दोहराया है.

अचानक पानी बढ़ने या निर्माण में गड़बड़ी की आशंका: अधीक्षक अभियंता

इस पूरे मामले पर आरडब्ल्यूडी (RWD) के अधीक्षक अभियंता रवींद्र कुमार सिंह ने बताया कि पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारणों की बारीकी से जांच की जा रही है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि पुल में यह समस्या किस वजह से आई है. परमान नदी पर बने पिछले पुल के धंसने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हो सकता है नदी में अचानक पानी बढ़ने के कारण ऐसा हुआ हो या फिर पुल निर्माण के समय ही कोई तकनीकी गड़बड़ी रही हो. उन्होंने कहा कि विभाग की तरफ से जल्द ही एक उच्चस्तरीय जांच टीम भी गठित की जा सकती है.

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By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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