अररिया जिले के भरगामा प्रखंड अंतर्गत बिषहरिया पंचायत के वार्ड संख्या-3 से मधेपुरा जिले को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण संपर्क सड़क निर्माण के महज दो वर्षों के भीतर ही उखड़कर पूरी तरह जर्जर हो चुकी है. सड़क की इस बदहाल स्थिति के कारण स्थानीय ग्रामीणों, वाहन चालकों और रोजाना आवागमन करने वाले राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
गुणवत्ता की अनदेखी से 2 साल में उखड़ी सड़क
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि दो वर्ष पूर्व जब इस सड़क का निर्माण कराया जा रहा था, तब संवेदक (ठेकेदार) और संबंधित एजेंसी द्वारा निर्माण की गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया:
- गड्ढों में तब्दील हुई सड़क: मानक के अनुरूप काम न होने के कारण सड़क की ऊपरी अलकतरा (पिच) की परत कई जगहों से पूरी तरह उखड़ चुकी है.
- दुर्घटनाओं की आशंका: पूरी सड़क पर जगह-जगह बड़े और गहरे गड्ढे बन गए हैं. बरसात के दिनों में इन गड्ढों में जलभराव हो जाने से आए दिन दोपहिया वाहन चालक और राहगीर गिरकर चोटिल हो रहे हैं.
मधेपुरा को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग, ठप हो सकता है आवागमन
ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग केवल पंचायत तक सीमित नहीं है, बल्कि भरगामा प्रखंड को पड़ोसी जिले मधेपुरा से जोड़ने वाली एक बेहद व्यस्त और महत्वपूर्ण लाइफलाइन है:
किसानों और छात्रों को परेशानी: "इस रास्ते से रोजाना सैकड़ों स्कूली बच्चे, किसान, मरीज और दोपहिया वाहन चालक गुजरते हैं. सड़क खराब होने से सफर में दोगुना समय लग रहा है और वाहनों के पुर्जे खराब होने से आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है."
जांच और मरम्मत की मांग को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन
स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन अररिया, ग्रामीण कार्य विभाग और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि:
- सड़क निर्माण में हुई धांधली और घटिया गुणवत्ता की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए.
- दोषी संवेदक व अधिकारियों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए.
- जल्द से जल्द सड़क का पुनर्निर्माण या विशेष मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए.
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क दुरुस्त नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में यह मार्ग पूरी तरह ठप हो जाएगा, जिससे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होना पड़ेगा.
