एक महीने में बुझ गईं 12 सोलर लाइटें, भरगामा पार्क में फिर पसरा अंधेरा, सौंदर्यीकरण पर उठे सवाल

Bhargama Park: भरगामा प्रखंड मुख्यालय स्थित नवनिर्मित पार्क के सौंदर्यीकरण को लेकर लगाई गई सोलर लाइटें महज एक महीने के भीतर ही खराब हो गई हैं, कुल 20 में से 12 लाइटों के बंद होने से पार्क परिसर में फिर से अंधेरा पसर गया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है.

भरगामा (अररिया) से राष्ट्र भूषण पिंटू की रिपोर्ट

Bhargama Park: अररिया जिले के भरगामा प्रखंड मुख्यालय स्थित नवनिर्मित पार्क के सौंदर्यीकरण और विकास योजनाओं की पोल खुल गई है, पार्क परिसर में आमजनों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगाई गई सोलर लाइटें अब गंभीर सवालों के घेरे में हैं. शुरुआती दिनों में जिन लाइटों की चमक से पूरा पार्क जगमगा रहा था, वहां महज एक महीने के भीतर ही व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है, प्रकाश की व्यवस्था न होने से शाम होते ही पार्क में टहलने और बैठने आने वाले लोगों को भारी निराशा का सामना करना पड़ रहा है.

20 में से 12 लाइटें खराब, निम्न गुणवत्ता और अनियमितता के आरोप

इस नवनिर्मित पार्क की बदहाली और लाइटों के खराब होने का पूरा विवरण निम्नलिखित है:

  • धराशायी हुई खुशी: पार्क की स्थापना के बाद स्थानीय लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा था, शाम होते ही यहाँ समय बिताने के लिए भारी भीड़ उमड़ने लगी थी, लेकिन यह खुशी ज्यादा दिनों तक टिक नहीं सकी.
  • गुणवत्ता पर सवाल: महज एक महीने के भीतर ही 20 में से 12 सोलर लाइट बंद पड़ गए, जिससे पार्क क्षेत्र में फिर से अंधेरा छा गया है, खराब पड़े सोलर लाइटों को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी राशि खर्च कर लगाए गए इन उपकरणों की गुणवत्ता बेहद खराब है और पूरे कार्य में भारी अनियमितता बरती गई है.
  • वेंडर की लापरवाही: स्थानीय ग्रामीणों ने सीधा आरोप लगाया है कि जिस कंपनी या वेंडर को सोलर लाइट लगाने का जिम्मा दिया गया था, उसने निम्न गुणवत्ता के उपकरण लगाकर सिर्फ खानापूर्ति की है, इसके अलावा रखरखाव (मैंटेनेंस) की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई, जिसके कारण थोड़े ही समय में अधिकांश लाइटें डेड हो गईं.

सुरक्षा पर बढ़ा खतरा, सशस्त्र बल के जवानों ने भी जताई चिंता

सुरक्षा का संकट: पार्क के समीप स्थित बुनियादी भवन में सशस्त्र बल के जवानों का आवास भी है, जवानों का कहना है कि पार्क और आसपास के क्षेत्र में पर्याप्त रोशनी रहने से सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें काफी सहूलियत मिलती थी, लेकिन अब अंधेरा बढ़ने से सुरक्षा संबंधी चिंता सताने लगी है, रात के समय अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों की गतिविधियों की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है.

उच्चस्तरीय जांच और वेंडर पर कार्रवाई की मांग

प्रशासनिक हस्तक्षेप की अपील:

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, खराब सोलर लाइटों को तत्काल प्रभाव से ठीक कराने और संबंधित वेंडर या एजेंसी पर विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है. लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि समय रहते इस व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया, तो सरकारी योजनाओं के नाम पर जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी लगातार होती रहेगी और पार्क अपनी उपयोगिता खो देगा.

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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