Araria News: भरगामा (अररिया). प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत कार्यरत आवास कर्मियों ने कई महीनों से मानदेय का भुगतान लंबित रहने के विरोध में 12 और 13 अगस्त को आयोजित ‘जीरो ऑफिस डे’ कार्यक्रम में सहयोग नहीं करने का निर्णय लिया है. इस संबंध में राज्य ग्रामीण आवास कर्मी संघ, बिहार की ओर से प्रखंड विकास पदाधिकारी केशव कुमार राय को आवेदन देकर लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की गयी है.
जीरो ऑफिस डे में पंचायतों में होना है आवासों का निरीक्षण
विभागीय निर्देश के अनुसार 12 और 13 अगस्त को ‘जीरो ऑफिस डे’ के तहत पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के आवासों का निरीक्षण किया जाना है. इसके अलावा निर्धारित स्तर तक निर्मित आवासों की जियो टैगिंग और लाभुकों को आवास निर्माण के लिए प्रेरित करने का कार्यक्रम भी तय किया गया है.
कई महीनों से मानदेय लंबित होने का आरोप
आवास कर्मियों का कहना है कि वे लगातार क्षेत्र भ्रमण कर विभागीय कार्यों का समय पर निष्पादन कर रहे हैं. इसके बावजूद कई महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है. मानदेय लंबित रहने के कारण कर्मियों के सामने आर्थिक कठिनाइयां बढ़ गई हैं और क्षेत्र भ्रमण के दौरान आने-जाने समेत अन्य जरूरी खर्चों की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो गया है.
क्षेत्र भ्रमण और जियो टैगिंग का करते हैं काम
सुमन कुमार पर्यवेक्षक, रौशन भारती, आवास सहायक ओमप्रकाश पंडित, मुन्ना ऋषिदेव, विनोद पासवान, निक्की रानी, प्रियंका भगत, रजनीश रंजन, शैलेंद्र कुमार, कुणाल प्रियदर्शी, विपिन साह, राहिल परवेज, अब्दुल रहमान, कमरुल होदा समेत अन्य कर्मियों ने बताया कि वे विभागीय निर्देशों के अनुसार क्षेत्र में जाकर आवास निर्माण की प्रगति का निरीक्षण, जियो टैगिंग और लाभुकों को आवश्यक मार्गदर्शन देने का कार्य करते हैं.
मानदेय भुगतान तक बहिष्कार का निर्णय
संघ ने आवेदन में कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों में आवास कर्मियों ने ‘जीरो ऑफिस डे’ कार्यक्रम में कार्य बहिष्कार और सहयोग नहीं करने का निर्णय लिया है. कर्मियों ने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी एकजुटता प्रदर्शित करते हुए लंबित मानदेय भुगतान का मुद्दा उठाने की बात कही है.
बीडीओ से शीघ्र कार्रवाई की मांग
Araria News: संघ ने बीडीओ केशव कुमार राय से आवास कर्मियों की आर्थिक स्थिति को गंभीरता से लेते हुए 12 और 13 अगस्त के ‘जीरो ऑफिस डे’ कार्यक्रम में कार्य बहिष्कार के निर्णय को संज्ञान में लेने तथा लंबित मानदेय के शीघ्र भुगतान के लिए सक्षम स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है.
