अररिया : समेकित बाल विकास सेवाओं के तहत संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लगातार निगरानी का असर अब जिले की राज्यस्तरीय रैंकिंग में भी दिखने लगा है. पोषण ट्रैकर के सभी सूचकांकों में अररिया जिला राज्य में चौथे पायदान पर पहुंच गया है. कुछ समय पहले तक जिला इस रैंकिंग में 32वें स्थान पर था. योजनाओं के क्रियान्वयन में लगातार सुधार और विभागीय स्तर पर प्रभावी निगरानी के बाद अररिया पहले 16वें, फिर आठवें और अब चौथे स्थान पर पहुंच गया है.
जिला पदाधिकारी विनोद दूहन के दिशा-निर्देश और नियमित अनुश्रवण से जिले को यह उपलब्धि हासिल हुई है. रैंकिंग में सुधार को आंगनबाड़ी केंद्रों की सेवाओं की गुणवत्ता और योजनाओं की निगरानी में हुए सुधार का संकेत माना जा रहा है.
आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी पर जोर
जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण और जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं. साथ ही पोषण ट्रैकर पर आंकड़ों की समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण प्रविष्टि करने को कहा गया है. बच्चों और अन्य लाभार्थियों को निर्धारित सेवाओं का समय पर लाभ उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया है.
केंद्रों के संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया गया है. संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों की ओर से इन निर्देशों की लगातार निगरानी की जा रही है.
मातृ वंदना योजना में भी सुधरी रैंकिंग
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के क्रियान्वयन में भी अररिया ने बेहतर प्रदर्शन किया है. इस योजना में जिले की राज्यस्तरीय रैंकिंग 26वें स्थान से सुधरकर छठे पायदान पर पहुंच गयी है.
जिला प्रशासन का लक्ष्य पोषण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाना है. साथ ही आंगनबाड़ी सेवाओं को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार रैंकिंग में लगातार हो रहा सुधार इसी दिशा में किये जा रहे प्रयासों का परिणाम है.
