Araria News: युवाओं और किशोरों को नशे की लत से बचाने के उद्देश्य से अररिया आरएस स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में "10 करोड़ नशा मुक्ति भारत अभियान" के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई और उन्हें स्वस्थ, अनुशासित और चरित्रवान जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया.
छात्रों को बताया गया नशे का वास्तविक नुकसान
कार्यक्रम में ब्रह्मा कुमारीज की जिला संचालिका बीके उर्मिला बहन ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज और भविष्य को भी प्रभावित करता है.
उन्होंने बच्चों से कहा कि "आने वाले कल की तकदीर आप हैं. इसलिए संग-दोष से बचना, अच्छे मित्र चुनना और चरित्र निर्माण पर ध्यान देना जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता है."
उन्होंने यह भी समझाया कि नशे की शुरुआत अक्सर गलत संगति और छोटी आदतों से होती है, जो धीरे-धीरे गंभीर लत का रूप ले सकती है.
नशा मुक्त समाज के लिए ऐसे अभियान जरूरी
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य मनोज कुमार सिंह ने अभियान की सराहना करते हुए कहा कि नशा मुक्त समाज का निर्माण केवल कानून से संभव नहीं है, बल्कि जागरूकता और शिक्षा के माध्यम से ही स्थायी बदलाव लाया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि विद्यालय स्तर पर ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में सही सोच विकसित करते हैं और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं.
युवा ही मजबूत राष्ट्र की पहचान
कार्यक्रम का संचालन कला शिक्षक राजेश कुमार ने किया. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यदि आज के बच्चे नशा मुक्त और चरित्रवान रहेंगे, तो भविष्य का भारत अधिक सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध बनेगा.
उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने, परिवार और समाज में जागरूकता फैलाने तथा सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया.
Araria News: बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने लिया भाग
इस अवसर पर मोहम्मद मुस्ताक, आर.के. चौधरी, रिया कुमारी, प्रमिला कुमारी, मोहम्मद शमशाद आलम, संजय गुप्ता और फुलमानी बहन सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे.
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और नशा मुक्त भारत के संदेश को अपने परिवार और समाज तक पहुंचाने का संकल्प लिया.
यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं को नशे के खतरे से बचाने और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है.
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