Araria News : अररिया के सिकटी से संजय प्रताप सिंह की रिपोर्ट. सिकटी प्रखंड में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग ने ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे (TAS-1) अभियान शुरू किया है. इसके तहत चयनित विद्यालयों में कक्षा एक और दो के बच्चों के ब्लड सैंपल लिये जा रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग की टीम आधुनिक क्यूएफएटी किट के माध्यम से बच्चों में फाइलेरिया संक्रमण की जांच कर रही है.
सीएचसी सिकटी से अभियान की शुरुआत
इस विशेष अभियान का शुभारंभ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकटी में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अजमत राणा और स्वास्थ्य प्रबंधक अनुप कुमार ने संयुक्त रूप से किया. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमों को चयनित 24 विद्यालयों के लिए रवाना किया गया.
800 बच्चों की जांच का लक्ष्य
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस सर्वे में करीब 800 बच्चों को शामिल किया गया है. अब तक सिकटी क्षेत्र के पांच चयनित विद्यालयों में 198 बच्चों के ब्लड सैंपल की जांच की जा चुकी है. जांच के दौरान बच्चों में फाइलेरिया के परजीवी की मौजूदगी का पता लगाया जा रहा है.
आधुनिक क्यूएफएटी किट से हो रही जांच
स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए राज्य मुख्यालय से आधुनिक क्यूएफएटी किट मंगवायी है. विभागीय अधिकारियों के अनुसार स्कूलों का चयन सॉफ्टवेयर के माध्यम से रैंडम तरीके से किया गया है. बेसिक शिक्षा विभाग से विद्यालयों की सूची प्राप्त करने के बाद चयन प्रक्रिया पूरी की गयी.
संक्रमण की स्थिति का होगा वैज्ञानिक आकलन
संदीप कुमार ने बताया कि कक्षा 1 और 2 के बच्चों के ब्लड सैंपल लेकर संक्रमण की वर्तमान स्थिति का वैज्ञानिक आकलन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस सर्वे का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों में फाइलेरिया संक्रमण का स्तर एक प्रतिशत से कम रहे.
फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर विभाग गंभीर
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यह सर्वे फाइलेरिया के प्रसार की श्रृंखला को तोड़ने में महत्वपूर्ण साबित होगा. अधिकारियों ने कहा कि समय पर जांच और जागरूकता के माध्यम से हाथीपांव जैसी बीमारी को जड़ से खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है.
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