ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में अररिया में मेडिकल बंद, मरीजों की बढ़ी परेशानी

Araria news: सुबह से ही मेडिकल स्टोर बंद रहने के कारण आम मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई लोगों को जरूरी दवाएं नहीं मिल सकीं, जबकि इमरजेंसी सेवाओं से जुड़ी कुछ चुनिंदा दुकानें ही खुली रहीं.

Araria news: अररिया से मृगेंद्र मणि सिंह की रिपोर्ट:

ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बुधवार को अररिया जिले की सभी थोक और खुदरा दवा दुकानें बंद रहीं. द ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर हुए देशव्यापी बंद का असर जिलेभर में देखने को मिला.

सुबह से ही मेडिकल स्टोर बंद रहने के कारण आम मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई लोगों को जरूरी दवाएं नहीं मिल सकीं, जबकि इमरजेंसी सेवाओं से जुड़ी कुछ चुनिंदा दुकानें ही खुली रहीं.

ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ केमिस्टों का विरोध

केमिस्ट एसोसिएशन ने ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है. संगठन का कहना है कि बिना वैध ड्रग लाइसेंस और उचित चिकित्सकीय पर्ची के दवाओं की ऑनलाइन बिक्री और होम डिलीवरी मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है.

दवा कारोबारियों ने ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा भारी छूट देकर दवाएं बेचने पर भी आपत्ति जताई. उनका कहना है कि इससे पारंपरिक लाइसेंसधारी मेडिकल दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है.

सख्त नियामक व्यवस्था की मांग

संगठन ने केंद्र सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री के लिए स्पष्ट और सख्त नियामक ढांचा तैयार करने की मांग की. साथ ही GSR 817(E) और GSR 220(E) जैसी अधिसूचनाओं की समीक्षा कर उनके दुरुपयोग पर रोक लगाने की बात कही.

जनस्वास्थ्य पर खतरे की आशंका

बीसीडीए अररिया के सचिव राकेश रंजन ने कहा कि ऑनलाइन माध्यमों से नकली और नशीली दवाओं की बिक्री बढ़ रही है, जो जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है. उन्होंने सरकार से इस मामले में सख्त कार्रवाई करने की मांग की.


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Published by: Shruti Kumari

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