अररिया से पंकज कुमार की रिपोर्ट
Araria Nasha Mukti Saptah: बिहार के सीमांचल प्रक्षेत्र अंतर्गत अररिया जिले में सामाजिक बदलाव और युवाओं को नशे के चंगुल से बचाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक बड़ी कमान संभाली गई है. जिले में 17 से 26 जून तक चलने वाले ‘नशा मुक्ति सप्ताह’ का विधिवत शंखनाद हो गया है. इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज की जड़ों को खोखला कर रहे मादक पदार्थों के खिलाफ व्यापक पैमाने पर जन-जागरूकता फैलाना है. अभियान के तहत जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड स्तरीय सरकारी कार्यालयों में विशेष शपथ ग्रहण समारोह संधारित किए गए, जहां प्रशासनिक कप्तानों और कली-मजदूरों ने मिलकर एक स्वस्थ और नशामुक्त समाज की स्थापना का संकल्प लिया.
स्वयं दूर रहने और समाज को बचाने का संकल्प; सामूहिक शपथ ग्रहण
इस नशामुक्ति अभियान और प्रशासनिक मुस्तैदी की मुख्य कड़ियां बेहद सकारात्मक हैं. विभिन्न सरकारी कार्यालयों में आयोजित समारोहों के दौरान विभागीय कर्मियों व आम नागरिकों को मादक पदार्थों का सेवन न करने की विधिक शपथ दिलाई गई.
संकल्प पत्र पढ़ते हुए सभी प्रतिभागियों ने प्रण लिया कि वे न केवल स्वयं हर प्रकार के नशे से दूरी संधारित करेंगे, बल्कि अपने परिवार, मित्रों और ग्रामीण समुदाय के कनिष्ठ व वरिष्ठ लोगों को भी इसके घातक दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करेंगे. अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के लाइव संकल्पों से प्रक्षेत्र में नशीली दवाओं और पदार्थों के बढ़ते प्रभाव पर अंकुश लगाया जा सकेगा.
Araria Nasha Mukti Saptah: निबंध, पोस्टर प्रतियोगिता और नुक्कड़ नाटकों से फैलेगी जागरूकता
“नशा मुक्ति सप्ताह की मेला अवधि के दौरान जिले भर में कई जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इसके अंतर्गत जिले के विभिन्न विद्यालयों व महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं के बीच निबंध, स्लोगन लेखन और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है. इसके अलावा, ग्रामीण और शहरी प्रक्षेत्रों में नुक्कड़ नाटक, जागरूकता रैली, मानव श्रृंखला, सामूहिक योग कार्यक्रम तथा हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से लोगों को लाइव संदेश दिया जा रहा है.”
स्वस्थ समाज ही विकसित भारत की आधारशिला; प्रशासन ने की सहभागिता की अपील
जिला कप्तानों ने इस अभियान को लेकर जिलेवासियों से एक विशेष अपील संधारित की है. प्रशासन ने प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं से आग्रह किया है कि वे इस नशामुक्ति अभियान में केवल मूकदर्शक न रहें, बल्कि सक्रिय सहभागिता निभाकर अपने प्रक्षेत्र को नशा मुक्त बनाने में योगदान दें.
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नशामुक्त और स्वस्थ समाज का निर्माण ही विकसित भारत की सबसे सशक्त आधारशिला है. इस अभियान के तहत चिन्हित मुख्य प्रक्षेत्रों और चौक-चौराहों पर कनिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी मुस्तैद किया गया है ताकि नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी की विसंगतियों पर भी समानांतर विधिक कमान कसी जा सके.
