ARARIA : सेठिया परिवार ने पार्वती देवी सेठिया के मरणोपरांत किया नेत्रदान

मृत्यु के उपरांत भी दूसरों के जीवन में उजियारा भरने का एक उत्कृष्ट और प्रेरणादायी उदाहरण शहर के सेठिया परिवार ने प्रस्तुत किया है.

फारबिसगंज, अररिया से बिपुल विश्वास की रिपोर्ट :

मृत्यु के उपरांत भी दूसरों के जीवन में उजियारा भरने का एक उत्कृष्ट और प्रेरणादायी उदाहरण शहर के सेठिया परिवार ने प्रस्तुत किया है.स्व. पार्वती देवी सेठिया के निधन के पश्चात उनके परिजनों ने दुःख की इस कठिन घड़ी में भी अद्वितीय साहस और सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय देते हुए उनका नेत्रदान करवाया. इस महादान से दृष्टिहीन लोगों के जीवन में नई रोशनी आने का मार्ग प्रशस्त हुआ है.यह संपूर्ण प्रक्रिया तेरापंथ युवक परिषद् (तेयुप), फारबिसगंज के मार्गदर्शन एवं संयोजन में सफलतापूर्वक संपन्न हुई.नेत्रदान की यह शल्यक्रिया कटिहार मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉ. मासूम एवं उनकी टीम द्वारा ससमय और सफलतापूर्वक पूरी की गई.सरल और शान्त स्वाभावी पार्वती देवी ने पहले ही भरा था संकल्प पत्र.

जीवित रहते पार्वती देवी नेत्रदान का भरा था फॉर्म, पुत्र ने निभाया धर्म

पार्वती देवी सेठिया स्वर्गीय मूलचंद सेठिया की धर्मपत्नी थी. स्वभाव से काफी सरल, शान्त एवं धार्मिक गतिविधि में संलग्न रहने वाली पार्वती देवी ने अपने पुत्र एवं पुत्री में भी वही संस्कार भरे. आप अपने पीछे तीन पुत्र विनोद सेठिया, मनोज सेठिया एवं संजय सेठिया एवं पुत्री बंदना मेहनोत का भरपूर परिवार छोड़कर गई. आपने पहले ही नेत्रदान के लिए फॉर्म भी भरा था और मरणोपरांत पुत्र ने इस की सहर्ष सहमति भी प्रदान की.तेरापंथी सभा, फारबिसगंज के अध्यक्ष श्री महेंद्र जी बैद. का मार्गदर्शन भी इस अभियान को निरंतर गति दे रहा है.वे न केवल युवाओं को इस नेक कार्य से जुड़ने के लिए सदैव प्रेरित करते हैं, बल्कि शोकाकुल परिवारों से समन्वय स्थापित कर नेत्रदान की स्वीकृति प्राप्त करने में भी उनकी अहम भूमिका रहती है. तेरापंथ युवक परिषद् का मानना है कि समाज की जागरूकता और सहयोग के बिना नेत्रदान जैसे महादान की कल्पना भी नहीं की जा सकती है.वहीं, इस पुनीत कार्य में समाज के विभिन्न वर्गों और प्रबुद्धजनों का विशेष सहयोग रहा. देहदान समिति, फारबिसगंज के अध्यक्ष श्री अजातशत्रु अग्रवाल की भूमिका इस अभियान में अत्यंत सराहनीय रही, जो हमेशा ऐसे परमार्थ कार्यों में तेयुप के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहते हैं.अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के राज्य नेत्रदान प्रभारी आशीष गोलछा एवं फारबिसगंज परिषद के नेत्रदान संयोजक पंकज नाहटा ने सेठिया परिवार के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की.उन्होंने कहा, “सेठिया परिवार द्वारा लिया गया यह निर्णय न केवल मानवीय सेवा का अनुपम उदाहरण है, बल्कि समाज के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा है.

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By AMIT KUMAR SINH

AMIT KUMAR SINH is a contributor at Prabhat Khabar.

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