अररिया : जिले में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार और नशे की प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक लगाने को लेकर जिलाधिकारी विनोद दूहन और पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में नार्को कोआर्डिनेशन सेंटर और भारत-नेपाल सीमा से जुड़ी सुरक्षा एजेंसियों की बैठक हुई. बैठक में नशे के कारोबार पर रोक लगाने के साथ संवेदनशील स्थलों पर निगरानी मजबूत करने और सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया.
सोनापुर और सिकटी में लग चुके सीसीटीवी
बैठक में बताया गया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर एसएसबी 52वीं वाहिनी ने चिन्हित संवेदनशील स्थलों सोनापुर और सिकटी में सीसीटीवी कैमरे लगा दिये हैं. जिलाधिकारी ने अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए.
औषधि दुकानों की जांच होगी
जिलाधिकारी ने जिला औषधि निरीक्षक को एसएसबी, पुलिस और मद्यनिषेध विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर जिले की औषधि दुकानों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया. संदिग्ध गतिविधियों और नशीली दवाओं की बिक्री पर विशेष नजर रखने को कहा गया.
नशीले पदार्थों के खिलाफ चलेगा सघन अभियान
पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ सघन अभियान चलाने, संदिग्धों की गिरफ्तारी और नशीले पदार्थों की जब्ती की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए. उन्होंने अधिकारियों से इस कारोबार में शामिल मुख्य तस्करों और माफिया तक पहुंचने को कहा.
पुलिस विभाग को नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ समय पर अनुसंधान पूरा कर न्यायालय में अंतिम आरोप पत्र दाखिल करने का भी निर्देश दिया गया.
पंचायत से स्कूल तक जागरूकता अभियान
बैठक में पंचायत स्तर पर भी नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया. पंचायती राज पदाधिकारी और जिला जनसंपर्क पदाधिकारी को पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराने का निर्देश दिया गया.
वहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी को स्कूलों की उच्च कक्षाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया. सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य विभाग को फारबिसगंज अनुमंडल में नशामुक्ति केंद्र स्थापित करने के लिए आवश्यक पहल करने का निर्देश दिया गया, ताकि नशे के आदी लोगों को उपचार और जरूरी सहयोग मिल सके.
भारत-नेपाल सीमा पर भी बढ़ेगी निगरानी
भारत-नेपाल सीमा से जुड़े विभिन्न मामलों की भी बैठक में समीक्षा की गयी. सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर अंतर-विभागीय समन्वय और सूचनाओं के आदान-प्रदान पर जोर दिया गया. सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, परिवहन, वाणिज्यकर, सीमा शुल्क, स्वास्थ्य, शिक्षा, आपदा प्रबंधन, बैंकिंग, औषधि नियंत्रण, आयकर और निबंधन समेत कई विषयों पर चर्चा हुई.
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े मामलों पर विशेष निगरानी रखने और निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा.
