उम्र में हेराफेरी कर संस्कृत विद्यालय में शिक्षक बनने का आरोप, डीईओ ने मांगी रिपोर्ट

वोटर लिस्ट में उम्र अधिक, नौकरी के समय कैसे घट गयी, जांच की मांग

अररिया. जिले में संचालित संस्कृत विद्यालय में उम्र में हेरफेर कर नौकरी पाने का एक गंभीर मामला सामने आया है. मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने संबंधित स्कूल के प्रधानाध्यापक से आरोपित शिक्षकों के शैक्षणिक, प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्र व नियुक्ति पत्र की मांग की है. निगरानी विभाग, डीएम, डीइओ समेत अन्य को दिये गये आवेदन में सागर कुमार झा ने आरोप लगाया है कि ब्राह्मणी बिनोद संस्कृत उच्च विद्यालय डोरिया अररिया में पदस्थापित शिक्षक ललन झा ने उम्र में हेराफेरी कर नौकरी पायी व अभी बतौर शिक्षक वे ब्राह्मणी बिनोद संस्कृत उच्च विद्यालय डोरिया में नौकरी कर रहे हैं. आवेदन में कहा है कि जब 2003 के वोटर लिस्ट में उनकी उम्र 32 वर्ष थी, तो आखिर 2017-18 के बीच उनकी नौकरी हो गयी, जबकि नौकरी के लिए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी की उम्र सीमा 35-37 वर्ष ही निर्धारित है. ऐसे में आखिर किस प्रमाण पत्र पर उन्होंने 2017-18 में नौकरी ज्वाइन की, जिस समय उनकी उम्र 47 वर्ष हो जाती है. आवेदनकर्ता का यह भी आरोप है कि ललन झा के ही दामाद विनय कुमार झा व राकेश कुमार मिश्रा भी संस्कृत विद्यालयों में अन्य प्रखंडों में नौकरी कर रहे हैं, उनके भी उम्र व शैक्षणिक प्रमाण पत्रों में अनियमितता है, जिसकी जांच आवश्यक है. वहीं वाणी विलास संस्कृत मध्य विद्यालय पलासी में पदस्थापित गिरजानंद झा के उम्र में भी काफी असामनाताएं हैं. दो अलग-अलग वोटर लिस्ट में अलग-अलग उम्र दर्ज है. 2003 के एलएस पलासी दक्षिण भाग संख्या 94 में जहां उनकी उम्र 21 साल दिखायी गयी है, वहीं प्रावि कोल्हुआ बखरी भाग संख्या 35 के वोटर लिस्ट में वर्ष 2003 में ही 43 वर्ष उम्र दर्ज है. ऐसे में इन वोटर लिस्ट के आधार पर आवेदनकर्ता ने संबंधित विभाग के पदाधिकारियों से जवाब की मांग की है. हालांकि मामले में आवेदन मिलने के बाद विभाग ने जांच शुरू कर दी है.

डीईओ ने सभी शिक्षकों के संदर्भ में मांगा जवाब

मामले को लेकर डीईओ संजय कुमार ने तीन अलग-अगल पत्रांकों में शिक्षकों के विरुद्ध जांच को लेकर संबंधित संस्कृत विद्यालय के प्रधानाध्यापक को 08 दिसंबर 2025 में व 29 नवंबर 2025 की तिथि में पत्र जारी किया है. इसमें शिक्षकों के शैक्षणिक, प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्र व नियुक्ति पत्र की मांग की गयी है.

कोट

मामला संज्ञान में आया है, संबंधित शिक्षकों के संस्कृत विद्यालय के प्रधानाध्यापक को पत्र जारी करते हुए शिक्षकों के शैक्षणिक, प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्र व नियुक्ति पत्र की मांग की है. अब तक जवाब नहीं मिला है, जवाब में यह जरूर देखा जायेगा कि उनका वोटर लिस्ट में, मध्यमा व बिहार बोर्ड के प्रमाण पत्र में उम्र क्या दर्शाया अया है, फर्जीवाड़ा पकड़े जाने पर उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई भी की की जायेगी.

संजय कुमार, डीईओ, अररिया

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