ARARIA : पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज मामले अभाविप ने की न्यायिक जांच की मांग
पटना में गत 08 मई को टीआरई-4.0 अभ्यर्थियों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की अररिया जिला इकाई ने आज शिवपुरी स्थित परिषद कार्यालय में प्रेस वार्ता की.
अररिया से राहुल सिंह की रिपोर्ट :
पटना में गत 08 मई को टीआरई-4.0 अभ्यर्थियों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की अररिया जिला इकाई ने आज शिवपुरी स्थित परिषद कार्यालय में प्रेस वार्ता की. अभाविप के प्रदेश एसएफडी प्रमुख प्रो एमपी सिंह ने प्रेस को संबोधित करते हुए घटना को “युवा विरोधी मानसिकता का स्पष्ट प्रमाण ” बताया. उन्होंने कहा, “बिहार के युवाओं की आवाज को लाठी के बल पर कुचलना सरासर अन्याय है. टीआरई-4.0 अभ्यर्थी कोई अपराधी नहीं, बल्कि अपना हक मांग रहे थे। “
बेरोजगार युवाओं पर लाठी चलाना शर्मनाक
प्रो. सिंह ने प्रशासन की कार्रवाई को अमानवीय व निंदनीय करार दिया. उन्होंने कहा कि एक तरफ राज्य के हजारों विद्यालय शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ योग्य अभ्यर्थी सड़कों पर लाठियां खा रहे हैं. सरकार की नियुक्ति प्रक्रिया में हो रही लगातार देरी ही युवाओं को आंदोलन के लिए मजबूर कर रही है. युवाओं के अधिकारों पर हमला बर्दाश्त नहीं होगा. प्रेस वार्ता में परिषद ने सरकार के सामने तीन मांगें रखी हैं. 08 मई को हुए लाठीचार्ज की न्यायिक जांच कराकर दोषी अधिकारियों को तुरंत निलंबित किया जाये. नियुक्ति की तारीख तय हो. टीआरई-4.0 नियुक्ति प्रक्रिया की स्पष्ट व समयबद्ध अधिसूचना जारी की जाये. अभ्यर्थियों से सम्मानजनक बातचीत कर उनकी सभी जायज मांगों को अविलंब पूरा किया जाये. प्रो. सिंह ने कहा कि यदि तीनों मांगें नहीं मानी गईं तो अभाविप पूरे बिहार में आंदोलन तेज करेगी. इस मौके पर अभाविप के जिला संयोजक सहित अन्य सदस्य मौजूद थे.