बच्चों को ढूंढ़ने के बाद एनडीआरएफ की टीम.

परिजनों की चीत्कार से गमगीन हुआ माहौल अररिया : सोमवार की शाम दो परिवारों के लिए कहर बन कर आयी थी. मो अबू बकर अपने पुत्र हब्बीउल्लाह व स्वर्गीय एहतशामुल हक की बेवा खुर्शीदा अपने पुत्र वासिफ को उच्च शिक्षा और संस्कार देने के लिए स्कूल भेजा करती थी. खुर्शीदा की स्थिति तो उसके सपनों […]

परिजनों की चीत्कार से गमगीन हुआ माहौल

अररिया : सोमवार की शाम दो परिवारों के लिए कहर बन कर आयी थी. मो अबू बकर अपने पुत्र हब्बीउल्लाह व स्वर्गीय एहतशामुल हक की बेवा खुर्शीदा अपने पुत्र वासिफ को उच्च शिक्षा और संस्कार देने के लिए स्कूल भेजा करती थी. खुर्शीदा की स्थिति तो उसके सपनों की दुनिया लुटने जैसी थी उसके अन्य पुत्रों में सबसे छोटे पुत्र मो वासिफ को वह पढ़ा-लिखा कर एक काबिल इनसान बनाना चाहती थी, जबकि खुदा को तो कुछ और ही मंजूर था. बेटे को याद कर बार-बार बेहोश हो जाती खुर्शीद सिर्फ इतना ही कह पा रही थी कि अगर पता होता कि बच्चे स्कूल से लौट कर नदी की तरफ जा रहे हैं तो उन्हें कैसे भी कर रोक लेती. इधर अबू बकर की बीवी सीमा का हाल भी खुर्शीदा के जैसा ही था.
दोनों की सिसकियां माहौल को गमगीन कर रहा था. उपस्थित लोगों में से किसी को भी दोनों बच्चों के मर जाने का गम बरदाश्त नहीं हो रहा था. अबू बकर की माने तो उनके दो पुत्रों में सबसे छोटा पुत्र था हब्बीउल्लाह उसे भी वह अपने बड़े पुत्र मो गुलाल की तरह पढ़ा-लिखा कर अच्छा इंसान बनाना चाहता था. मो गुलाल गुजरात के एक मदरसे में तालीम लेने गया हुआ है. अबू बकर की माने तो अभी भी उन्हें यह यकीन नहीं हो रहा है कि उनके बच्चे नहीं रहे. उन्हें लगता है बच्चे लौट कर आयेंगे. आसमान की तरफ देख कर अबू बकर अनायास ही बोल उठता है खुदा गलतियों को माफ कर और लौटा दो मेरे बच्चे.
परिजनों ने ऊपर वाले से कहा लौटा दो मेरे बच्चे
बच्चों की मौत का गम नहीं हो रहा है बरदाश्त
बच्चों को सांत्वना देने पहुंचे वरीय पदाधिकारी
दोनों बच्चों के शव के मिलते ही परिजनों की चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया. स्थानीय लोगों द्वारा परिजनों को सांत्वना देने के बाद शव को नगर थाना पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया. नगर थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को पूरा कर शव को पुन: परिजनों को सुपुर्द कर दिया. तकरीबन तीन बजे हजारों लोगों की भीड़ के बीच स्थानीय कब्रिस्तान में दोनों बच्चों के शवों को सुपुर्दे खाक किया गया. इधर, घटना की सूचना पाकर डीइओ फैयाजुर्रहमान, डीपीओ मनोज कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी भवेश कुमार, सीओ अबुल हसन, प्रभारी सीआई मो शमीम अंसारी, मुख्य पार्षद प्रतिनिधि मो इम्तियाज आलम, नगर पार्षद शहनाज, पूर्व पार्षद नूर आलम, मो बादशाह आदि के अलावा नगर थाना पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे. सभी पदाधिकारियों ने मृतक के परिजनों से मिल कर उन्हें सांत्वना दी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >