वसूली में आगे, सुविधा देने में फिसड्डी

होल्डिंग टैक्स देने में नगर वासियों ने सरकारी भवन को पीछे छोड़ दिया है. ससमय कर भुगतान के बावजूद नगर परिषद नगर वासियों को सुविधा प्रदान करने में विफल हो रही है. अररिया : नगरवासियों ने एक बार फिर होल्डिंग कर के भुगतान में सरकारी भवन को पीछे छोड़ दिया है. इसकी पुष्टि नगर परिषद […]

होल्डिंग टैक्स देने में नगर वासियों ने सरकारी भवन को पीछे छोड़ दिया है. ससमय कर भुगतान के बावजूद नगर परिषद नगर वासियों को सुविधा प्रदान करने में विफल हो रही है.
अररिया : नगरवासियों ने एक बार फिर होल्डिंग कर के भुगतान में सरकारी भवन को पीछे छोड़ दिया है. इसकी पुष्टि नगर परिषद द्वारा वित्तीय वर्ष 2014-15 व 2015-16 में वसूल किये गये होल्डिंग कर के भुगतान पंजी से होता है. अब भी सरकारी विभागों के पास नप का करोड़ों रुपये होल्डिंग कर के रूप में बकाया है. इस मुकाबले निजी भवनों के मालिकों के पास होल्डिंग कर का कम बकाया है.
होल्डिंग कर के ससमय भुगतान के बावजूद नगर वासियों को सुविधा देने में नप फिसड्डी साबित हो रहा है. नगरवासियों को सुविधा के नाम पर नप बोर्ड की बैठक में कई प्रकार के लोकहित के एजेंडों को प्राथमिकता के साथ पारित कर दिया जाता है. इन योजनाओं को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए करोड़ों रुपये का बजट भी स्वीकृत होता है. लेकिन आगे चल कर नप के सभी दावे सफेद हाथी साबित होते हैं.
नगर वासियों को हो रही असुविधा
शहर में जल निकासी के लिए ड्रेनेज सिस्टम नहीं है. इसके कारण सड़कों पर जल जमाव का सिलसिला सालों भर लगा रहता है. वार्ड संख्या 20 इसका स्पष्ट उदाहरण है. ड्रेनेज सिस्टम के निर्माण के लिए साढ़े सात करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत किये जाने की बात नप के कार्यपालक पदाधिकारी ने कही है. इसके अलावा भी कई वार्ड ऐसे हैं जहां नालों का निर्माण नहीं हुआ है.
वार्ड संख्या 16, 17, 18, 08 आदि इसका उदाहरण है. लोगों के घरों के गंदे पानी का जमाव यत्र-तत्र होता है. वार्ड स्तर पर सड़कों की असुविधा, साफ-सफाई में कमी, कचरा निस्तारण की मुकम्मल व्यवस्था, सड़क का अतिक्रमण, बस स्टैंड व ऑटो स्टैंड का नहीं होना, बसंतपुर व आरएस हाट की कुव्यवस्था, कई गलियों में एलइडी लाइट की कमी, वार्डों में झुलते बिजली के तार नगर परिषद की कुव्यवस्था की पोल खोल रहा है.

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