जानकारी . चावल जमा करने के लिए पैक्सों को िमला तीन दिनों का समय

धान अधिप्राप्ति का काम तीन माह पहले समाप्त हो गया. लेिकन 33 पैक्सों व मिलरों द्वारा एसएफसी को अब तक चावल नहीं जमा किया है. इस बारे में डीसीओ ने जानकारी दी है कि अगर तीन दिनों के अंदर चावल नहीं जमा किया गया, तो प्राथमिकी दर्ज होगी. अररिया : जिले में धान अधिप्राप्ति का […]

धान अधिप्राप्ति का काम तीन माह पहले समाप्त हो गया. लेिकन 33 पैक्सों व मिलरों द्वारा एसएफसी को अब तक चावल नहीं जमा किया है. इस बारे में डीसीओ ने जानकारी दी है कि अगर तीन दिनों के अंदर चावल नहीं जमा किया गया, तो प्राथमिकी दर्ज होगी.

अररिया : जिले में धान अधिप्राप्ति का काम तीन माह पहले ही समाप्त हो गया. बावजूद अब तक 33 पैक्सों व मिलरों ने एसएफसी को चावल जमा नहीं किया है.
इधर, डीसीओ अब मात्र तीन दिनों के अंदर बकाये चावल को जमा करवाना चाहते हैं. अन्यथा दोषी पैक्स व मिलरों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही.
जानकारी अनुसार अप्रैल माह में धान अधिप्राप्ति की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद चावल जमा कराने के लिए विभाग ने पंद्रह दिनों का ही समय दिया था. लेकिन अब महीनों गुजर गये. बावजूद अब तक पैक्सों व उसके संबद्ध मिलरों ने चावल जमा नहीं कराया है. लगभग 11 सौ एमटी चावल अभी पैक्स अथवा मिलरों के पास बकाया है. हालांकि डीएम की समीक्षा बैठक में मिलर व पैक्स को बचे सीएमआर को 30 जून तक जमा करने का निर्देश दिया गया था.
जानकारी अनुसार राज्य स्तर पर अभी भी चावल जमा करने में विलंब होता देख 31 जुलाई तक चावल जमा करने की अवधि का विस्तार किया गया है. लेकिन अररिया जिला सहकारिता विभाग निर्धारित अवधि विस्तार को नहीं मान रहा है. विभाग का स्पष्ट संकेत है कि कुछ जिलों में अत्यधिक मात्रा में चावल बांकी है इसलिए उनके लिए अवधि विस्तार किया गया है. लेकिन अररिया में चावल जमा करने की मात्रा कम है, इसलिए अवधि विस्तार की समय सीमा का लाभ जिले के पैक्सों को नहीं मिलने जा रहा है.
पैक्स कर रहा टाल-मटोल
जिले के कुर्साकांटा प्रखंड़ को छोड़कर अब भी अन्य आठ प्रखंड़ों के 33 पैक्सों के पास एक लॉट चावल बचा हुआ है, जिसमें फारबिसगंज प्रखंड का रहिकपुर ठीलामोहन, रानीगंज प्रखंड का छतिऔना पैक्स, नरपतगंज प्रखंड का खाब्दह पैक्स, पलासी प्रखंड का पकड़ी पैक्स व जोकीहाट प्रखंड का चिलहनिया पैक्स आदि सहकारिता विभाग के टारगेट में है. विभाग की माने तो बचे पैक्सों के द्वारा चावल जमा करने में टाल-मटोल किया जा रहा है.
कहते हैं सहकारिता पदाधिकारी
सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि 33 पैक्सों के पास अब भी 11 सै एमटी सीएमआर बकाया है. अगर ये सभी पैक्स तीन दिनों के अंदर बकाये सीएमआर को एसएफसी के गोदामों में जमा नहीं कराते है तो इनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जायेगी.

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