परेशानी . एसएफसी के अनाज के परिवहन को लेकर नहीं है राशि
अररिया: एसएफसी के द्वारा विगत दो माह से एफसीआइ के गोदाम से खाद्यान्न का उठाव नहीं हो रहा है. परिणाम स्वरूप पीडीएस दुकानदारों तक अनाज नहीं पहुंच पा रहा है. जानकारी अनुसार प्रति माह जिले में निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न की खरीद की प्रक्रिया जारी है. एफसीआई के पास जिले का खाद्यान्न गोदामों में भरा हुआ है. यही नही अधिप्राप्ति के बाद प्राप्त सीएमआर लगभग 50 हजार क्विंटल अनाज भी बाजार समिति के गोदाम में दो माह से रखा है.
वह चावल भी धीरे-धीरे खराब हो रहा है. अनाज नहीं उठाव करने का एक मात्र कारण जो सामने आ रहा है वह है कि एसएफसी के पास खाद्यान्न का उठाव करने के लिए न तो गाड़ी भाड़ा की राशि न ही मजदूरों को भुगतान करने की राशि है. इस कारण उठाव की प्रक्रिया जिले में दो माह से बाधित है.
कब से और क्यों बाधित है अनाज उठाव की प्रक्रिया : इसी वर्ष छह फरवरी को जिले के सभी गोदामों को डीएम हिमांशु शर्मा के आदेश पर सील कर दिया गया. इसके बाद अनाज भंडारण का फिजीकल जांच किया गया. जांच के क्रम में पदाधिकारियों के द्वारा रानीगंज व आरएस के गोदाम में लगभग 14 हजार क्विंटल अनाज के स्टॉक में कमी पाया गया. गबन की राशि पांच करोड़ रुपये से भी ज्यादा पाया गया. इस मामले में प्राथमिकी भी दर्ज हुई.
इसके बाद परिवहन की प्रक्रिया को जारी रखने के लिए जिले में परिवहन की स्वीकृत दर में दस प्रतिशत की कटौती करते हुए विभागीय परिवहन से खाद्यान्न उठाव करने की स्वीकृति दी गयी. 18 फरवरी से विभागीय परिवहन से खाद्यान्न का उठाव एफसीआई के गोदाम से प्रारंभ हुआ. यह प्रक्रिया फरवरी माह से लेकर मार्च तक चला. मार्च माह में 50 प्रतिशत खाद्यान्न उठाव करने के बाद अचानक विभागीय परिवहन भी बंद हो गया.
निविदा के द्वारा चयनित अभिकर्ता नहीं कर रहे है काम : उमेश यादव का नाम काली सूची में डाले जाने के बाद विभागीय निविदा निकाली गयी. निविदा की प्रक्रिया में जिले में दो परिवहन अभिकर्ता भानू प्रताप सिंह व पूर्णिया के संजीव कुमार यादव के द्वारा मेन परिवहन अभिकर्ता का दायित्व निर्वहन करने की जिम्मेवारी ली गयी. सूत्रों के अनुसार दो माह बाद भी अब तक दोनों अभिकर्ता के द्वारा एग्रीमेंट की प्रक्रिया पूरी नहीं की गयी है. जिस कारण विभागीय परिवहन के तहत ही खाद्यान्न उठाव की प्रक्रिया जारी है.
