142 विद्यालयों में नहीं हो रहा एमडीएम का संचालन

विद्यालय में नामांकित तीन हजार से ज्यादा बच्चे हैं एमडीएम से वंचित अररिया : शिक्षा के अधिकार कानून के तहत छह से 14 आयु वर्ग के स्कूली छात्रों के लिए सरकार द्वारा लागू की गयी विभिन्न योजनाएं जिले में सिरे से नाकाम साबित हो रही है. विद्यालय में संचालित एमडीएम योजना का भी जिले में […]

विद्यालय में नामांकित तीन हजार से ज्यादा बच्चे हैं एमडीएम से वंचित

अररिया : शिक्षा के अधिकार कानून के तहत छह से 14 आयु वर्ग के स्कूली छात्रों के लिए सरकार द्वारा लागू की गयी विभिन्न योजनाएं जिले में सिरे से नाकाम साबित हो रही है. विद्यालय में संचालित एमडीएम योजना का भी जिले में खस्ता हाल है. जिले के लगभग डेढ़ सौ विद्यालय ऐसे हैं, जहां वर्षों से मध्याह्न भोजन योजना की शुरूआत भी नहीं हो सकी है. इनमें से अधिकांश विद्यालय झोपड़ियों में संचालित किये जा रहे हैं.
कुछ विद्यालय ऐसे भी हैं जिन्हें किसी अन्य विद्यालय से टैग कर दिया गया है. ऐसे में इन विद्यालय में नामांकित तीन हजार से अधिक बच्चे मध्याह्न भोजन योजना के लाभ से वंचित हैं. मालूम हो कि जिले में 2064 प्राथमिक-मध्य, मदरसा व संस्कृत सरकारी विद्यालय संचालित हो रहे हैं.
इसमें 1922 विद्यालयों में ही मध्याह्न भोजन संचालित है. जिन विद्यालय में योजना का संचालन किया जा रहा है उसकी भी हालत दयनीय बतायी जाती है. एमडीएम संचालित विद्यालयों से ही समय-समय पर बच्चों को मध्याह्न भोजन नहीं परोसे जाने की शिकायत आती रहती है. बहरहाल, मध्याह्न भोजन संचालित नहीं हो रहे विद्यालयों के बच्चे करीब तीन चार वर्षों से स्कूल में एमडीएम परोसे जाने की आश देख रहे हैं.
एमडीएम संचालित विद्यालय
जिले में संचालित प्राथमिक व नवसृजित प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 1326 है. इसमें 1178 में एमडीएम संचालित है, जबकि 91 सरकारी मदरसा में 87 त
था 18 संस्कृत विद्यालय में 14 में ही एमडीएम संचालित किया जा रहा है.
कहते हैं अधिकारी
डीपीओ एमडीएम सुभाष कुमार गुप्ता ने बताया कि भवन व भूमि के अभाव में चल रहे कुछ विद्यालय में एमडीएम शुरू नहीं हो सका है. भवन बनते ही इन विद्यालयों में भी एमडीएम शुरू कर दिया जायेगा. इनमें से अधिकांश विद्यालयों को दूसरे विद्यालय से टैग कर दिया गया है.

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