फारबिसगंज/अररिया : सरकार की शराबबंदी के बाद शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में शराबी नशे की हालत में मिल ही जाते हैं. लेकिन जो प्रशासन की सख्ती से पकड़े जाते हैं वो अपने भाग्य को कोसते हैं लेकिन जो नहीं पकड़े जाते हैं वो अपने-आप ज्यादा बुिद्धमान समझ कर प्रशासन को चुनौतियां देने की बात करते हैं. कुल मिलाकर इन दोनों के बीच लुका छिपी का खेल जारी है. अब देखना यह है कि कौन किस पर कितना भारी है. सूत्रों की मानें तो अब-शराबी व तस्कर ने कई नये तरीके ढूंढ लिए हैं.
अब कोरियर से आने लगी है शराब
सूत्रों की माने तो फारबिसगंज सहित सीमाई क्षेत्रों में शराबी कोरियर के माध्यम शराब की बोतलें मांगने लगे हैं. सूत्र बताते हैं कि पहले शराबियों ने पार्सल व ऑनलाइन को शराब मंगाने का माध्यम बनाना चाहा. लेकिन पोस्ट ऑफिस में गहन पूछताछ कारण अब कोरियर को सुगम साधन बना लिया है. अब शराबी के रिश्तेदार जो बाहर या परदेस में रहते हैं, अब उनसे ये शराब पार्सल के द्वारा आसानी से अपने घर शराब की बोतलें प्राप्त कर लेते हैं. अब इन प्रक्रिया से शराबी द्वारा तू चले डाल-डाल हम चले पात-पात वाली चरितार्थ कहावत प्रतीत हो रही है.
बाहर से आने वाले ट्रकों से मांगते लोग शराब
सूत्र की मानें तो अब बिहार इन करने से पहले ट्रक चालकों को शराबी द्वारा फोन कर उनसे भी शराब मंगवाया जा रहा है. जिसके एवज में उन्हें मनमाफिक पैसे भी दिये जा रहे हैं.
