नेपाल में रंगीन शाम का लुत्फ उठाने से कतराने लगे हैं भारतीय, एक सप्ताह के भीतर नेपाल से शराब पीकर लौटने वालों में से 17 लोगों को बिहार पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
अररिया : नेपाल से शराब पीकर भारत लौटने वाले लोगों पर अब ब्रेथ एनलाइजर का खौफ दिखने लगा है. यह खौफ सीमा पर लगातार की गयी कार्रवाई के कारण हुई है. पिछले एक सप्ताह के दौरान शराब पीने वाले 17 लोगों की गिरफ्तारी ब्रेथ एनलाइजर से हुई जांच के आधार पर की गयी है. इसके बाद से पियक्कड़ों में हड़कंप मच गया है. हालांकि आज भी आदतन शराबी नेपाल जा रहे हैं. फर्क सिर्फ यह आया है कि समय बदल गया है.
पीने के शौकीन सुबह जाते हैं पीने के बाद तब तक नेपाल सीमा के अंदर रहते हैं जब तक नशा उतर न जाये. कुछ इसी तरह का नजारा नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में दिख गया. अपने गीत-संगीत-डांस से ग्राहकों को खुश करने वाली बालाएं अब ग्राहकों-श्रोताओं के इंतजार में रहती हैं. श्रोता जब मदमस्त हो कर जाते हैं, तो अपने साथियों से कहते हैं आठ बजे निकल जाना है. नौ बजे बॉर्डर बंद हो जायेगा. वाहन नहीं जा पायेगा.
उधर, ब्रेथ एनलाइजर की टीम तैनात होगी. पकड़ाये तो खैर नहीं. एसएसबी, पुलिस वाले देर शाम कुछ ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं. बिहार में पूर्ण शराबबंदी का खौफ अब नशाबाजों पर पड़ने लगा है. इस बाबत होटल के मैनेजर संजय कुमार ने बताया कि इंडियन लोग अब कम आते हैं. आते भी हैं तो उन्हें जल्दी निकलने व जांच का भय बना रहता है. वहीं एक स्टाफ सहित यादव ने कहा कि संगीत सुनने के बाद लोग खाना खाते थे. मगर अब ऐसा नहीं है. बिहार में शराबबंदी का असर अब नेपाल पर भी पड़ गया है. ऐसा भी नहीं कि पीने वाले नेपाल नहीं जा रहे.
सीमा पार सटे होटलों में गला तर कर, बचते-बचाते इस पार आ जाते हैं व नजरें बचा कर निकल भी जाते हैं. निगहबानी करने वालों की नजरों से बच कर निकलने के बाद गहरी सांस छोड़ते और कहते कि यार बहुत खतरा है. इस बाबत उत्पाद अधीक्षक कहते हैं कि इस तरह का अभियान लगातार चलाया जाता रहेगा. शराब पीने वालों, शराब बेचने व बनाने वालों के साथ नेपाल से शराब तस्करी करने वालों पर नजर रखी जा रही है. बहरहाल, मानना होगा कि अगर इसी तरह प्रशासनिक सक्रियता बनी रही तो लोग शराब को व नेपाल की रंगीन शाम को भूल जायेंगे.
