चापाकल योजना के क्रियान्वयन में गड़बड़ी
कहीं दो चापाकल तो कहीं एक भी नहीं
रानीगंज/अररिया : क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ व शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए वर्षों से कहीं पानी टंकी तो कहीं चापाकल लगवाया जा रहा है. संबंधित योजना के क्रियान्वयन पर लाखों- करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाया जा रहा है. लेकिन जमीनी हकीकत पर गौर करें तो आज भी लोग या तो अपने घर में लगे चापाकल पर निर्भर हैं, या फिर बाजार से कथित शुद्ध पानी खरीद कर पी रहे हैं.
गांव-गांव में चापाकल लगवाने के लिए न जाने कितनी बार योजना का चयन व संबंधित योजना का क्रियान्वयन विभिन्न एजेंसी के माध्यम से हुआ है. लेकिन गुणवत्ता को ताक पर रख कर काम किये जाने से कुछ दिनों में ही चापाकल शोभा बन कर रह जाती है. अंतत: बेकार साबित हो रहा है. क्षेत्र के बौंसी पंचायत अंतर्गत भवानी नगर में एक ही जगह दो अलग-अलग योजना का चापाकल लगा हुआ है. लेकिन इसमें से एक से तो कभी पानी निकला ही नहीं, जबकि दूसरा आयरन मुक्त की जगह आयरन युक्त पानी दे रहा है. कुल मिला कर दोनों ही चापाकल उपयोग के लायक नहीं कहा जा सकता है.
स्थानीय निवासी सच्चिदानंद विश्वास ने कहा कि चापाकल लगने के समय लोगों को शुद्ध जल पीने की उम्मीद जगी थी. लेकिन लोगों का अरमान पुरा नहीं हो पाया है. क्षेत्र के विभिन्न गांवों में आज भी सरकारी चापाकल के लिए लोग तरस रहे हैं. कहीं कुछ भी नहीं और कहीं विभागीय कर्मी एक साथ दो-दो चापाकल गड़वा रहे हैं.
