अररिया. जिले में रबी सीजन के दौरान यूरिया की खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गयी है. जिलाधिकारी विनोद दूहन ने मंगलवार को इस आशय की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस वर्ष मक्का व गेहूं की बुआई से लेकर फसल तैयार होने तक जिले में करीब सात हजार मीट्रिक टन कम यूरिया की खपत हुई है. उन्होंने बताया कि पिछले रबी सीजन में जहां लगभग 57 हजार मीट्रिक टन से अधिक यूरिया की खपत हुई थी. वहीं इस वर्ष यह घटकर करीब 50 हजार मीट्रिक टन रह गयी है. उन्होंने इसे एक रिकॉर्ड के साथ-साथ एक सकारात्मक संकेत बताया. इससे सरकार की सब्सिडी में लाखों रुपये की बचत भी हुई है. डीएम ने कहा कि इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए प्रमुख रूप से तीन प्रयास महत्वपूर्ण साबित हुए हैं. इसमें सबसे पहले प्रखंड स्तर पर सभी खाद दुकानों की सघन जांच, किसानों को उनकी वास्तविक जरूरत के अनुसार यूरिया उपलब्ध कराया जाना, इसमें किसान सलाहकारों के सत्यापन को अनिवार्य किया गया. इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई. तीसरा व सबसे अहम यह कि किसानों को जागरूक किया गया कि मक्का फसल में दाना बनने के बाद यूरिया का उपयोग न करें. इस पहल का व्यापक असर देखने को मिला व यूरिया की खपत में अप्रत्याशित कमी आयी. जिलाधिकारी ने कहा कि अनियमितताओं पर कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने 16 खाद दुकानों का लाइसेंस रद्द कर दिया. वहीं सात मामलों में एफआईआर भी दर्ज की गयी. उन्होंने कहा कि यूरिया की इतनी बड़ी मात्रा में बचत न केवल किसानों के लिए लाभकारी है. बल्कि जिला व राज्य के लिए भी एक सकारात्मक उपलब्धि है.
अररिया में यूरिया खपत में सात हजार एमटी की कमी : डीएम
सख्ती व जागरूकता का दिखा असर
