अररिया जिले के बथनाहा स्थित सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 56वीं वाहिनी के तत्वावधान में सीमावर्ती क्षेत्रों के जरूरतमंद युवाओं के लिए आयोजित 30 दिवसीय विशेष कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य समापन हुआ. 29 जून से 28 जुलाई तक चले इस आवासीय व निःशुल्क शिविर का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती जीवंत गांवों के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना था.
इन विषयों पर दिया गया व्यावसायिक प्रशिक्षण
30 दिनों तक चले इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में सीमावर्ती गांव गवारपुछरी, भवानीपुर, डुमरबन्ना और बेला के कई युवक-युवतियों ने हिस्सा लिया.
एसएसबी की ओर से विशेषज्ञों के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निम्नलिखित मुख्य विषयों पर व्यावहारिक व निःशुल्क प्रशिक्षण दिया गया:
- कृषि मशरूम उत्पादन (Mushroom Farming)
- ब्यूटीशियन कोर्स (Beautician Training)
- सिलाई व कढ़ाई (Tailoring & Sewing)
द्वितीय कमान अधिकारी ने बांटे प्रमाण-पत्र
समापन समारोह के मुख्य अतिथि 56वीं वाहिनी के द्वितीय कमान अधिकारी नितिन कुमार गुप्ता ने सभी प्रशिक्षुओं से सीधा संवाद किया. उन्होंने युवाओं से फीडबैक लिया और कहा कि यह प्रशिक्षण केवल शुरुआत है, युवाओं को इसका निरंतर अभ्यास जारी रखकर अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहिए.
इसके पश्चात उन्होंने सभी सफल छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण पूर्ण करने का आधिकारिक प्रमाण-पत्र (Certificate) वितरित किया.
ग्रामीणों ने एसएसबी की पहल को सराहा
कार्यक्रम में उप-कमांडेंट रविकांत चौधरी, 'आई' समवाय प्रभारी राणा कुमार, 'एच' समवाय प्रभारी आशीष गुप्ता, 17 बल कार्मिक और सीमावर्ती गांवों के स्थानीय गणमान्य नागरिक मौजूद रहे.
ग्रामीणों और युवाओं ने एसएसबी की इस कल्याणकारी पहल की जमकर तारीफ की और कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के अवसर पैदा होंगे और युवाओं को पलायन नहीं करना पड़ेगा.
