अररिया : बुधवार से तीन दिनों तक के लिए सभी दवा दुकानें बंद कर दी गयी हैं. दवा दुकानदारों की हड़ताल से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. बताया जाता है कि सात सूत्री मांगों को लेकर दवा व्यवसायी संघ ने बुधवार से लेकर शुक्रवार तक हड़ताल पर रहते हुए दवा की दुकानें बंद रखने का ऐलान किया है. इस बंदी में जिले की थोक विक्रेताओं से लेकर खुदरा दवा दुकानें बंद रखने की घोषणा की है.
मांगों के समर्थन में दवा दुकानदार रहे हड़ताल पर, दर-दर भटकते रहे मरीज
अररिया : बुधवार से तीन दिनों तक के लिए सभी दवा दुकानें बंद कर दी गयी हैं. दवा दुकानदारों की हड़ताल से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. बताया जाता है कि सात सूत्री मांगों को लेकर दवा व्यवसायी संघ ने बुधवार से लेकर शुक्रवार तक हड़ताल पर रहते हुए दवा की दुकानें […]

सुबह से ही निजी तौर पर इलाज कराने के लिए मरीज इधर-उधर भटकते रहे. हालांकि आपातकाल मरीजों को परेशानी ना हो इसके लिए सदर अस्पताल के आपातकाल सेवा को अलर्ट पर रखा गया है. जबकि अन्य दिनों की अपेक्षा सदर अस्पताल में आपातकाल के समय में मरीजों की संख्या अधिक रही.
कुछ मरीजों ने बताया कि सदर अस्पताल के बाहर सभी निजी दवा दुकानदार हड़ताल पर हैं. इस कारण इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचे हैं. हालांकि, सदर अस्पताल में किसी प्रकार की समस्या इलाज कराने में नहीं हुई है. बताया कि जिले में थोक व खुदरा सभी दवा दुकान संघ अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर बुधवार से तीन दिवसीय हड़ताल पर हैं.
इधर, सदर अस्पताल के प्रबंधक विकास आनंद ने बताया कि सरकार से विभिन्न मांगों को लेकर दवा व्यवसायी हड़ताल पर हैं. इसको देखते हुए सदर अस्पताल को अलर्ट पर रखा गया है. खासकर इमरजेंसी सेवा में विशेष तौर पर निगरानी की जा रही है.
जोगबनी शहर में असरदार रही दवा दुकानदारों की बंदी . जोगबनी . राज्य के सभी खुदरा व थोक दवा दुकानदारों की तीन दिवसीय बंद का सीमावर्ती शहर जोगबनी में भी व्यापक असर रहा. शहर की सभी छोटी-बड़ी दवा दुकानें बंदी के पहले दिन पूरी तरह बंद रहीं.
राज्य के थोक व खुदरा दवा दुकानों को फार्मासिस्ट की उपलब्धता व तकनीकी गलती के नाम पर विभागीय उत्पीड़न व शोषण के विरोध में दवा दुकानदार 22, 23 व 24 जनवरी को तीन दिवसीय बंदी का फैसला लिया गया.
सिकटी में भी दिखा दवा व्यवसायियों की हड़ताल का असर . सिकटी . बिहार केमिष्ट एंड ड्रगिस्ट एशोसिएशन के आह्वान पर मांगों के समर्थन में सिकटी प्रखंड सिकटी, कासत, बरदाहा व फुटानी चौक आदि जगह सभी दवा दुकानों के दुकानदार तीन दिवसीय हड़ताल पर रहे. अजिजिया मेडिकल बरदाहा के संचालक जहीरुद्दीन सिद्दीकी लालन ने बताया कि पूरे बिहार में संघ की ओर से दुकान की बंदी की गयी है.
मुख्य मांगों में फार्मासिस्ट की उपलब्धता व तकनीकी गलती के नाम पर विभागीय उत्पीड़न व शोषण के बजाय सुधार का मौका दिया जाये. अन्य मांगों के समर्थन में दवा दुकानें बंद की गयी हैं. अगर सरकार नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन बंदी की जायेगी. इधर, दुकान बंद हो जाने के कारण ग्राहक काफी परेशान रहे. आवश्यक दवा नहीं मिलने से लोग सरकार से समाधान करने की बात करते देखे रहे.