अररिया : जिले में जल, जीवन हरियाली योजना के प्रगति की समीक्षा को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संबंधित अधिकारियों की बैठक मंगलवार को आयोजित की गयी. समाहरणालय स्थित आत्मन कक्ष में हुई बैठक में विभागवार व प्रखंडवार योजना के प्रगति की गहन समीक्षा की गयी.
जिलाधिकारी ने योजना के क्रियान्वयन को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश देते हुए सरकारी तालाब, कूंआ, नहर व नदी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने को लेकर संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये. डीएम बैद्यनाथ यादव ने कहा कि जिले में जल जीवन हरियाली योजना के क्रियान्वयन को लेकर पूर्व की बैठकों में दिये गये निर्देश का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाये.
इसमें किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. बैठक में शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पीएचईडी, भवन निर्माण सहित अन्य विभागीय अधिकिरियों को वैसे सरकारी भवन, कुंआ, तालाब जो अब तक योजना के तहत चयनित नहीं हैं. इसकी सूची अविलंब समर्पित करने को कहा. डीएम ने सभी अंचलाधिकारी व मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सरकारी तालाब व पोखरों के सर्वेक्षण कार्य में तेजी लायें.
एक एकड़ से अधिक रकबा में फैले तालाब व पोखरों की सूची कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई को यथाशीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश बैठक में दिया गया. इसके अलावा सभी सरकारी विद्यालयों में मनरेगा के तहत पौधरोपण कार्य संपन्न कराने के साथ-साथ शहरी क्षेत्र में अवस्थित सरकारी अस्पताल व सरकारी विद्यालयों में पौधरोपण कार्य में तेजी लाने का निर्देश डीएम ने संबंधित अधिकारियों को दिया.
जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिये कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर जरूरी पड़ताल बैठक में की गयी. मौके पर डीडीसी अनिल कुमार ठाकुर, डीआरडीए निदेशक अनिल कुमार मिश्रा, डीसीएलआर समीम अख्तर, जिला कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार, जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी सुबोध कुमार, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी, सभी अंचलाधिकारी, मनरेगा पीओ, अपर जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सहित संबंधित विभाग के अन्य कर्मी मौजूद थे.
