अररिया : कृषि विकास से संबंधी योजनाओं का लाभ जिले के सभी किसानों तक पहुंचाने के लिये जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कृषि टास्क फोर्स की बैठक सोमवार को संपन्न हुई. जिलाधिकारी के कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक में कृषकों के विकास सहित उनकी आय को बढ़ाने के विभिन्न उपायों पर चर्चा की गयी.
इसके लिए जरूरी रणनीति पर विचार करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिये. डीएम बैद्यनाथ यादव ने जिले में मत्स्य पालन व पशुपालन को बढ़ावा देने के लिये इच्छुक किसानों को जरूरी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के उपरांत इसका समुचित मूल्यांकन किया जाना चाहिये.
डीएम ने जिले की जलवायु को ध्यान में रखते हुए केवीके के प्रधान डॉ एके सिन्हा को केंद्र में आंवला व अमरूद सहित अन्य फसलों को विकसित करने के लिये कहा. इसके अलावा मखाना के साथ-साथ धान की खेती को बढ़ावा देने के विभिन्न उपायों पर जोर दिया गया. बोरो धान के उत्पादन के लिये किसानों के सामूहिक प्रशिक्षण आयोजित करने की सलाह कृषि अधिकारियों को दी गयी.
समीक्षा के दौरान पशुपालन में आर्टिफिसियल एआई को बढ़ावा देने प्रखंडवार कृषि कर्मियों को जरूरी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने व मत्स्य पालक किसानों को मत्स्य रिसर्च सेंटर कोलकाता, पशुपालक किसानों को नेशनल डेयरी रिसर्च सेंटर करनाल हरियाणा के माध्यम से जरूरी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का निर्देश अधिकारियों को डीएम ने दिया.
टास्क फोर्स की बैठक में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक के जिले की जलवायु के लिहाज से उपयुक्त कुफरी स्वाति आलू के बीज केंद्र में उपलब्ध होने की बात कही. वैज्ञानिकों ने कहा कि ऐसे 150 क्विंटल आलू के बीज विज्ञान केंद्र में उपलब्ध हैं.
जो इसकी खेती करने के इच्छुक किसानों को जरूरत के हिसाब से उपलब्ध कराया जा रहा है. बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार, जिला सहकारिता पदाधिकारी कवींद्रनाथ ठाकुर, परियोजना निर्देशक आत्मा, सहाहक निदेशक उद्यान, जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ फिरोज आलम, जिला मत्स्य पदाधिकारी ,कार्यपालक अभियंता सिंचाई प्रमंडल सहित केवीके के वैज्ञानिक मौजूद थे.
