अररिया : फारबिसगंज अनुमंडलीय अस्पताल के परिवार कल्याण कार्यकर्ता के द्वारा आशा कर्मी के साथ किये गये अमर्यादित आचरण के एवज में सीएस ने उक्त कर्मी का सामायोज रद्द कर दिया है. अब उन्हें अगले आदेश तक अपने मूल पदस्थापन स्थल पीएचसी में पद के अनुरूप कार्यों को संपादित करना होगा.
सीएस द्वारा 04 सितंबर को जारी किये गये आदेश में प्रभात खबर में प्रकाशित खबर का उल्लेख करते हुए स्पष्ट कहा है कि अनुमंडलीय अस्पताल फारबिसगंज में आशा कर्मी के साथ वरीय स्वास्थ्य कर्मी विनोदानंद झा परिवार कल्याण कार्यकर्ता के द्वारा किये गये अमर्यादित आचरण के कारण उनको अनुमंडलीय अस्पताल फारबिसगंज के कार्यों से मुक्त करते हुए पीएचसी फारबिसगंज जो कि उनका मूल पदस्थापना है, वहां पर अपने पद के अनुरूप कार्यों को संपादन करेंगे.
जानकारी अनुसार कार्रवाई में नरमी बरते जाने के कारण उनका कम सेवा अवधि बचा होना व उम्र का तकाजा भी बताया जा रहा है. हालांकि जितनी मूंह उतनी बातें होनी शुरू है.
लोगों की मानें तो यह कार्रवाई उनके द्वारा किये गये अमर्यादित आचरण के एवज में बहुत ही कम है. सीएस के द्वारा दो चिकित्सीय जांच टीम भी गठित किया गया है. गठित टीम की जांच अभी चल रही है.
लेकिन कुछ बातें जो निकलकर सामने आ रही है वह यह कि यह वीडिया मई व जून में ही लिया गया है. जिसे वायरल अब जा कर किया जाना, कहीं न कही संशय भी उत्पन्न कर रहा है. बहरहाल जो भी हो कार्रवाई कम हो या ज्यादा लेकिन कार्रवाई होना महत्व रखता है.
