मामले में जांच नहीं, आरोपित को करें सेवामुक्त

अररिया : जोकीहाट रेफरल अस्पताल प्रभारी पर ममता कार्यकर्ताओं के लगाये आरोपों का मामला अभी थमा भी नहीं था कि एक बार फिर फारबिसगंज अनुमंडलीय अस्पताल के परिवार कल्याण कार्यकर्ता की हरकत ने स्वास्थ्य विभाग को शर्मसार कर दिया. इस मामले में विरोध बढ़ता देख सीएस ने आनन-फानन में जांच के लिए दो चिकित्सकों की […]

अररिया : जोकीहाट रेफरल अस्पताल प्रभारी पर ममता कार्यकर्ताओं के लगाये आरोपों का मामला अभी थमा भी नहीं था कि एक बार फिर फारबिसगंज अनुमंडलीय अस्पताल के परिवार कल्याण कार्यकर्ता की हरकत ने स्वास्थ्य विभाग को शर्मसार कर दिया.

इस मामले में विरोध बढ़ता देख सीएस ने आनन-फानन में जांच के लिए दो चिकित्सकों की जांच टीम का गठन कर दिया है. बहरहाल ऐसे अस्पताल कर्मियों के ऑडियो-वीडियो वायरल होने के बाद से ही अस्पताल प्रशासन समेत स्थानीय क्षेत्रवासियों में विरोध के स्वर फूटने लगे हैं. अब देखना लाजिमी होगा कि ऐसे कर्मियों के विरुद्ध स्वास्थ्य महकमा से लेकर जिला प्रशासन क्या कार्रवाई करता है.
चर्चा है िक लोगों की मानें तो रंगीन मिजाज परिवार कल्याण कार्यकर्ता विनोदानंद झा का एक वीडियो कुछ दिनों पूर्व भी सुर्खियों में रहा था. लेकिन वह मेनेजमेंट सिस्टम के तहत सामने नहीं आ पाया. अब फिर जब एसकी करतूत लोगों को बरदाश्त नहीं हुई तो यह वीडियो सार्वजनिक मंच पर सोशल मीडिया पर घूमने लगा.
सरकार महिलाओं को सशक्त करने के उद्देश्य से आशा, ममता, जीविका जैसे पदों का निर्माण कर महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में कदम उठा रहा है. इधर कुछ साहब उन्हें अबला समझ उनके साथ दुर्व्यवहार की घटना को अंजाम देने की मंशा रखते हैं. क्योंकि जो वीडियो वायरल हुआ है वैसी हरकत बाप-बेटी जैसे रिश्तों की तो हो नहीं सकती. कहते हैं कि परिवार कल्याण कार्यकर्ता की पहुंच व रसूख अच्छी खासी है. इसलिए तो वे वरीय अधिकारियों को भी हड़काने से बाज नहीं आते हैं.
एक वीडियो में तो एक अधिकारी के पद का नाम ले ताल ठोंककर कह डाला कि बिना उनके इजाजत का बिल कैसे पास होगा. ऐसे में उन्हें इस बात का दंभ तो है कि वे कुछ भी करेंगे उनका कोई कुछ भी नहीं बिगाड़ पायेगा. अब तक के हुई कार्रवाई के बाद कुछ ऐसा ही होता दिख रहा है. अब देखना लाजिमी होगा कि ऐसे कर्मियों के विरुद्ध स्वास्थ्य महकमा से लेकर जिला प्रशासन क्या कार्रवाई करती है.
अश्लील हरकत करने वाले कर्मी पर कार्रवाई की मांग
फारबिसगंज अनुमंडलीय अस्पताल में कार्यरत परिवार कल्याण कार्यकर्ता के द्वारा एक आशा कार्यकर्ता के साथ हुए आपत्तिजनक वीडियो वायरल मामले को लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट सह सामाजिक कार्यकर्ता आशीष भारद्वाज के द्वारा क्षेत्रीय अपर निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं पूर्णिया प्रमंडल से जांच कर कार्रवाई की मांग की गयी है. उन्होंने कार्रवाई किये जाने की मांग की प्रतिलिपि डीएम, सीएस, अध्यक्ष बिहार राज्य महिला आयोग को भी उपलब्ध कराया है.
दिये गये आवेदन में श्री भारद्वाज ने कहा है कि 03 सितंबर 2019 को उन्हें सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो मिला. उक्त वीडियो में एक पुरुष अस्पताल कर्मी के द्वारा एक महिला आशा कार्यकर्ता का हाथ पकड़ अश्लील हरकत किया जा रहा है. जानकारी मिली कि यह वायरल वीडियो फारबिसगंज अनुमंडलीय अस्पताल का है. इसलिए ऐसे कर्मियों पर जांच कर दंडात्मक कार्रवाई की जाए.
वरीय अधिकारियों को दी है जानकारी
संबंधित मामलों की जानकारी सीएस व उच्चाधिकारियों को दे दी गयी है. जैसा निर्देश प्राप्त होगा परिवार कल्याण कार्यकर्ता के विरुद्ध वैसी कार्रवाई की जायेगी.
आशुतोष कुमार, डीएस, अनुमंडलीय अस्पताल फारबिसगंज
अनुमंडलीय अस्पताल के काम से किया गया है मुक्त, कराया जायेगा फिल्ड वर्क
अनुमंडलीय अस्पताल फारबिसगंज में कार्यरत परिवार कल्याण कार्यकर्ता विनोदानंद झा का वीडियो वायरल होने व समाचार पत्रों में खबर आने के बाद परिवार कल्याण कार्यकर्ता को अनुमंडलीय अस्पताल के कार्य से मुक्त कर दिया गया है. विनोदानंद झा से अब फिल्ड में काम लिया जायेगा. इसके साथ ही जांच के लिए एसीएमओ डॉ एमपी गुप्ता व डॉ डीएनपी साह को टीम में शामिल किया गया है.
सुरेश प्रसाद सिन्हा, सीएस अररिया

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