अररिया : जल संसाधन मंत्री संजय झा ने बताया कि कोसी-मेची नदी परियोजना अब जल्द ही जमीन पर उतरेगी. 4900 करोड़ रुपये की इस परियोजना का लाभ अररिया, कटिहार, पूर्णिया व किशनगंज के किसानों को मिलेगा.
इस परियोजना के तहत कोसी व मेची नदी के बीच की सभी नदियों को एक दूसरे से लिंक किया जायेगा. ऐ यह प्रक्रिया अब अंतिम स्टेज में है. पर्यावरण विभाग के अनुमति के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा गया है. जहां जल संसाधन विभाग के पदाधिकारी अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने के लिए डटे हुए हैं. उम्मीद करते हैं कि 15 दिनों के अंदर अनुमति मिल जायेगी.
बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के लिए जारी होगी एडवाइजरी: पटना़ कृषि विभाग बाढ़ग्रस्त जिलों की स्थिति का आकलन कर रहा है़ इसके लिए जल्द ही एडवाइजरी जारी होगी़ बाढ़ग्रस्त जिलों के किसानों के नुकसान की भरपाई कैसे हो, इस दिशा में विभाग योजना बना रहा है. नुकसान का सही- सही आकलन पानी के उतरने के बाद ही हो पायेगा. उत्तर बिहार और सीमांचल के इन जिलों में 50 फीसदी और उससे से अधिक धान की रोपनी हो चुकी है.
बागमती, महानंदा व बूढ़ी गंडक में उफान
पटना : नदियों के जल स्तर में बढ़ोतरी से बाढ़ की स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है़ हालांकि, बाढ़ निरोधक कार्य के साथ टूटे तटबंधों की मरम्मत की जा रही है़ पटना स्थित विभाग के केंद्रीय गोदाम से 10 लाख इसी बैग और नायलन क्रेट झंझारपुर भेजा गया है. बागमती नदी का जल स्तर कटौंझा में, बूढ़ी गंडक का समस्तीपुर एवं रोसड़ा में, कमला बलान का झंझारपुर में, अधवारा समूह की नदी का सोनवर्षा में, खिरोई नदी एकमीघाट में एवं महानंदा तैयबपुर में बढ़ रहा है. अन्य नदियां स्थिर हैं.
