आपात स्थिति का सामना करने के लिए सक्षम नहीं है स्वास्थ्य विभाग

परवेज आलम, अररिया : हालांकि जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी चमकी बुखार से निबटने की पुख्ता तैयारी का दावा कर रहा है. लेकिन हालात बता रहे हैं कि किसी किसी आपात स्थिति का सामना करने के लिए जिले में स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा बहुत कमजोर है. क्योंकि जिले के सरकारी अस्पतलों में डाक्टरों ही नहीं […]

परवेज आलम, अररिया : हालांकि जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी चमकी बुखार से निबटने की पुख्ता तैयारी का दावा कर रहा है. लेकिन हालात बता रहे हैं कि किसी किसी आपात स्थिति का सामना करने के लिए जिले में स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा बहुत कमजोर है. क्योंकि जिले के सरकारी अस्पतलों में डाक्टरों ही नहीं बल्कि नर्स सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की भारी कमी है.

एक अनुमान के मुताबिक जिले में औसतन 46 हजार व्यक्तियों पर एक डाक्टर है. आलम ये है कि जिस सदर अस्पताल को मॉडल अस्पताल बनाने की तैयारी के दावे किये जा रहे हैं वहां सृजित पद के विरूद्ध महज 20 प्रतिशत डाक्टर ही कार्यरत हैं.
शुक्रवार के कार्यशाला में मिली जानकारी के अनुसार सदर अस्पताल में सभी विभाग मिलाकर डाक्टरों के कुल 61 पद सृजित हैं. पर पोस्टिंग केवल दर्जन भर डाक्टरों की है. इस में भी कई डाक्टर प्रतिनियुक्ति पर हैं. मिली जानकारी के मुाबिक जिले के एक सदर अस्पताल, एक अनुमंडल अस्पताल सहित सभी पीएचसी में कुल मिला कर डाक्टरों के लगभग 200 पद सृजित है. पर पोस्टिंग केवल 39 एमबीबीएस डाक्टरों की है.
वैसे 26 आयुष डाक्टर भी पदस्थापित हैं. यानी कुल मिला कर 65 डाक्टर ही जिले के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत हैं. वहीं बताया जाता है कि जिले में एएनएम, जीएनएम व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की भी कमी है. जानकारी के मुताबिक सदर अस्पताल में ही जीएनएम के 70 स्वीकृत पद है. पर कार्यरत केवल 17 हैं. वैसे बताया गया कि सदर अस्पताल में 10 आक्सीजन सिलंडर उपलब्ध रहते हैं. जिले में 15 एंबूलेंस चालू हालत में हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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