अररिया : रमजान के शुरुआती सप्ताह में रोजेदारों को गर्मी खूब तपा रही है. बावजूद उनकी आस्था डिग नहीं रही है. शहर में पेयजल व्यवस्था की पोल भी खुलती नजर आ रही है. भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से लोग पानी के लिए होटलों के चक्कर काट रहे हैं.
जबकि गर्मी भी अपने पूरे शवाब पर है. सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 35 डिग्री जबकि न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहा. इस कारण शहरवासी व रोजेदार भी गर्मी के कारण परेशान होते रहे. इतनी गर्मी के बावजूद शहर में ईद का बाजार गुलजार है. लोग ईद की खरीदारी में अभी से जुटे हुए हैं. चाहे कपड़े की दुकान हो या फिर सेवइयों की, हर दुकान में ग्राहकों की भीड़ लगी हुई है.
एक तरफ तो यह गर्मी ऊपर से शहर में सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल की भारी किल्लत के कारण शहरवासियों समेत राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसके अलावा शहर के बस स्टैंड में भी पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण लोग गर्मी से राहत पाने के लिए होटलों व अन्य प्रतिष्ठानों का सहारा ले रहे हैं.
शहर के प्रमुख स्थलों पर भी नहीं है पेयजल की व्यवस्था
शहर के प्रमुख स्थलों में शुमार चांदनी चौक, बस स्टैंड, सदर अस्पताल के आस पास के क्षेत्र समेत जीरो माइल अररिया में भी पेयजल की माकूल व्यवस्था नहीं है. इस कारण रोज जिला मुख्यालय आने-जाने वाले लोगों को गर्मी रुला रही है. शहर में जहां कहीं पेयजल की व्यवस्था है, वहां भी कहीं नलों से पानी नहीं आ रहा है, अगर पानी आ भी रहा है तो वह पीने के लायक नहीं है.
इतना ही नहीं शहर के व्यस्ततम इलाके चांदनी चौक पर तो पेयजल की व्यवस्था ही नहीं है. इस कारण रोज यहां बाजार करने व कोर्ट-कचहरी के काम से जिला मुख्यालय आने वालों को काफी परेशानी होती है. लोग प्यास बुझाने के लिए कोल्ड ड्रिंक्स व जूस का सहारा ले रहे हैं.
अभी रमजान का पहला सप्ताह ही बीता है, जबकि अभी रोजेदारों को तीन सप्ताह तक की गर्मी और झेलनी है. यहां बता दें कि रमजान में बड़ी संख्या में मुसलमान भाई रोजा रखते हैं. बड़ी संख्या में शहर के प्रतिष्ठानों व दफ्तरों में रोजेदार हैं. इसको लेकर शहर के बुद्धिजीवियों व रोजेदारों ने नगर प्रशासन से इस तपती गर्मी में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था कराने की मांग की है.
