डकैती की योजना बनाने पर पांच आरोपितों को सात साल की सजा

अररिया : व्यवहार न्यायालय के प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार की अदालत ने डकैती की योजना बनाने के मामला प्रमाणित होने पर पांच आरोपियों को सात-सात वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. सबों को कारावार की सजा के अलावा दो अलग-अलग धाराओ में 10-10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया […]

अररिया : व्यवहार न्यायालय के प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार की अदालत ने डकैती की योजना बनाने के मामला प्रमाणित होने पर पांच आरोपियों को सात-सात वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. सबों को कारावार की सजा के अलावा दो अलग-अलग धाराओ में 10-10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है.

आरोपियों में क्रमश: जोगवनी टप्पू टोला के 30 वर्षीय असलम उर्फ फिच्चा पिता समीद, गोरिहारे चौक के 22 वर्षीय मो. नईम पिता मोहम्मद, भाग कोहलिया वार्ड नंबर-2 के 30 वर्षीय मो. इसराइल पिता मो. सईद, भागकोहलिया के ही 22 वर्षीय अहमद उर्फ बबली पिता मो जकीर तथा गोरिहारे के रहने वाले 29 वर्षीय दिलशाद अंसारी पिता अजीज अंसारी शामिल हैं.
एडीजे श्री कुमार ने यह आदेश स्पीडी ट्रायल के तहत एसटी मुकदमा संख्या 181/18 में पारित किया है. घटना 12 फरवरी 2018 की है. जानकारी के अनुसार गुप्त सूचना के आधार पर फारबिसगंज के तत्कालिन थानेदार मुकेश कुमार साहा सदल-बल के साथ गोडि़हारे कब्रिस्तान क्षेत्र का निरीक्षण किया गया था. जहां डकैती की योजना बना रहे पांचों आरोपी मौजूद थे.
पुलिस ने जांच-पड़ताल की तो शक होने पर पूछताछ की गयी. इसपर सबों ने स्वीकार किया कि वे सभी यहां बैठकर डकैती की योजना बना रहे थे. सजा के बिंदु पर सरकार की ओर से एपीपी सह वरीय अधिवक्ता मो. वसीवुर्रहमान ने अधिक से अधिक सजा देने की अपील की. वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अमर कुमार वर्मा तथा नैयरूज्जमा ने कम से कम सजा देने की गुहार लगायी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >