मृगेंद्र, अररिया : जिले में प्रतिभाओं की कमी नहीं है. अंतराष्ट्रीय स्तर पर चेस में अपनी धाक जमा रहे कुमार गौरव, कुमार सौरव के बाद अब जिले की बेटी साक्षी वॉलीबाल के खेल में लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए पांचवी बार नेशनल खेलने जा रही है. केंद्रीय विद्यालय अररिया की वर्ग 09 की छात्रा साक्षी स्कूल की तरफ से राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर वॉलीबाल खेल में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर सुर्खियां बटोर रही है.
केंद्रीय विद्यालय अररिया वर्ग 09 की है छात्रा साक्षी
मृगेंद्र, अररिया : जिले में प्रतिभाओं की कमी नहीं है. अंतराष्ट्रीय स्तर पर चेस में अपनी धाक जमा रहे कुमार गौरव, कुमार सौरव के बाद अब जिले की बेटी साक्षी वॉलीबाल के खेल में लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए पांचवी बार नेशनल खेलने जा रही है. केंद्रीय विद्यालय अररिया की वर्ग 09 की छात्रा साक्षी […]

07 अप्रैल 2019 को बेली रोड पटना में अररिया बनाम बरौनी व बरौनी के ही अन्य दो टीमों के सेमीफाइनल साथ हुए मैच में बेहतर प्रदर्शन करने के साथ ही अररिया केंद्रीय विद्यालय की टीम ने फाइनल का मुकाबला जीत लिया. उसने अंडर 17 वॉलीबाल टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन कर पूरे सूबे में पहला स्थान प्राप्त किया. जिस कारण उसने पूरे बिहार से चयनित 04 खिलाडियों में उसे पहला नंबर देते हुए साक्षी का चयन नेशनल के लिए किया गया.
अब वह भुवनेश्वर में होने वाले 2019 पांचवे नेशनल में राष्ट्रीय स्तर पर चयनित केंद्रीय विद्यालय बोर्ड के अंडर 17 टीम के साथ अपना प्रदर्शन दिखायेगी. उसके इस मुकाम पाने की खबर से पूरे केंद्रीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं के अलावा कुर्साकांटा प्रखंडवासियों में हर्ष का माहौल है. जिले में भले ही खेल को प्रोत्साहित करने की योजना दम तोड़ रही हो लेकिन साक्षी के मेहनत से जिले के खेलप्रेमी भी गदगद हैं.
चार बार नेशनल तो दो बार एसजीएफआइ में कर चुकी है उम्दा प्रदर्शन % कुर्साकांटा के डहुआबाड़ी निवासी राजकुमार पासवान व शिक्षिका चंद्रमणि की पुत्री साक्षी के दादा सेवानिवृत्त पोस्टमास्टर हैं. दादी चंपा देवी भी शिक्षिका हैं. शुरू से ही शिक्षित माहौल व अच्छे संस्कार में पली की साक्षी की शिक्षा-दीक्षा शुरू से ही केंद्रीय विद्यालय अररिया में हुई. वह 2015 से ही वॉलीबाल खेल रही है. वह वर्ष 2015 से लेकर वर्ष 2018 के बीच में 04 बार खेल चुकी है. हालांकि उसका चयन पहले नेशनल के लिए भी हुआ था.
लेकिन कम उम्र के कारण वह नहीं खेल पायी. इसका बाद दूसरे नेशनल में हैदराबाद, तीसरे में भोपाल व चौथे में भुवनेश्वर में उसने उत्कृष्ट प्रदर्शन दिया. इसके बाद साक्षी वर्ष 2016 में मध्य प्रदेश के खरगांव खरगोन में खेले गये स्कूल गेम फेडरेशन ऑफ इंडिया में तो पुन: 2018 में मध्य प्रदेश के कडप्पा किट एंड किट इवेंसिटी में भी खेली. इस प्रकार वह चार बार नेशनल व दो बार एसजीएफआई में खेल चुकी है.