खुद को जिंदा साबित करने को दफ्तरों के चक्कर काट रहा भीम

अररिया : पूर्णिया जिले के जलालगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कचना गांव निवासी भीम चौहान खुद को जिंदा साबित करने की जद्दोजहद में जुटा हुआ है. जीवित भीम को खुद को जिंदा साबित करने के लिए सरकारी दफ्तरों की दौड़ लगानी पड़ रही है. भीम का आरोप है कि ससुरालवालों ने कागजात में हेरफेर कर रिकॉर्ड […]

अररिया : पूर्णिया जिले के जलालगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कचना गांव निवासी भीम चौहान खुद को जिंदा साबित करने की जद्दोजहद में जुटा हुआ है. जीवित भीम को खुद को जिंदा साबित करने के लिए सरकारी दफ्तरों की दौड़ लगानी पड़ रही है.

भीम का आरोप है कि ससुरालवालों ने कागजात में हेरफेर कर रिकॉर्ड में उन्हें मृत घोषित कर दिया है. उसके ससुर शिवशंकर चौहान उर्फ शिवानंद चौहान ने पारिवारिक लाभ के 20 हजार रुपये भी उठा लिये हैं.
ऐसे में कागजों में खुद को जिंदा करने के लिए अब उन्हें कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है. मैं जिंदा हूं, इस बात का प्रमाण देने के लिए भीम चौहान (33) जन प्रतिनिधियों के पास ही नहीं, बल्कि अधिकारियों के दफ्तरों का चक्कर काट-काट कर थक चुका है.
बावजूद उसे जिंदा कबूल करने को न तो उसके ससुरालवाले ही तैयार हैं, न हीं उसकी अपील अधिकारियों के कानों तक हीं पहुंच पा रही है. जन्म प्रमाण पत्र से लेकर आधार कार्ड को लेकर भीम घूम रहा है.
उसे मृत घोषित करने में उसके सुसराल वाले अररिया रामपुर कोदरकट्टी पंचायत के चौहान टोला निवासी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है. पीड़ित भीम ने अपने आप को जिंदा साबित करने के लिए जिला लोक शिकायत निवारण में परिवाद दायर किया है.
यह गुहार भी लगाया है कि उसे मृत घोषित का उसके ससुर शिवशंकर चौहान उर्फ शिवानंद चौहान ने पारिवारिक लाभ के 20 हजार रुपये भी उठा लिये हैं.

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