Tej Pratap-Anushka Controversy: अनुष्का यादव की बेटी उज्जैनी की पहली तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आई है. उज्जैनी अब छह महीने की हो चुकी हैं. इस मौके पर अनुष्का के भाई आकाश यादव ने परिवार के साथ कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कीं.
तस्वीरों में आकाश यादव, अनुष्का यादव और परिवार के अन्य सदस्य नजर आ रहे हैं. तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने बच्ची को शुभकामनाएं दीं. वहीं, पुराने विवाद को लेकर भी कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.
महाकाल मंदिर में हुआ अन्नप्राशन संस्कार
आकाश यादव ने तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि उज्जैनी ने छह महीने पूरे होने के अवसर पर बाबा महाकाल के पवित्र धाम में पहला अन्न ग्रहण किया.
उन्होंने पोस्ट में लिखा कि बाबा महाकाल उज्जैनी को हमेशा खुश रखें और हर नकारात्मक शक्ति से दूर रखें. पोस्ट के अनुसार, उज्जैनी का अन्नप्राशन संस्कार उज्जैन स्थित बाबा महाकाल मंदिर में कराया गया.
आखिर यह मामला चर्चा में क्यों रहा?
यह मामला पहली बार फरवरी 2026 में चर्चा में आया था. 5 फरवरी को अनुष्का यादव ने बेटी को जन्म दिया. इसके कुछ दिन बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हुई कि बच्ची के पिता लालू के बेटे तेजप्रताप यादव हैं.
8 फरवरी को केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया पर तेजप्रताप और अनुष्का को बधाई भी दी थी. इसके बाद यह मामला और सुर्खियों में आ गया.
तेजप्रताप यादव ने क्या कहा था?
इन चर्चाओं के बीच तेजप्रताप यादव मीडिया के सामने आए और सभी आरोपों से इनकार किया. उन्होंने कहा कि अनुष्का यादव से उन्हें कोई बेटी नहीं हुई है और ऐसी खबरें पूरी तरह झूठी हैं.
तेजप्रताप ने आरोप लगाया था कि अनुष्का यादव के फ्लैट पर आकाश भाटी उर्फ आकाश गुर्जर का आना-जाना था. उन्होंने दावा किया कि बच्ची के पिता वही हैं, न कि मैं हूं.
'पांच जयचंद' का भी किया था जिक्र
प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजप्रताप यादव ने दावा किया था कि उन्हें बदनाम करने की साजिश रची गई. उन्होंने कहा कि उनका सोशल मीडिया अकाउंट हैक किया गया था और अनुष्का यादव के साथ तस्वीरें भी उसी साजिश का हिस्सा थीं.
उन्होंने पांच लोगों- मुकेश रौशन, संजय यादव, रमीज, शक्ति सिंह और सुनील सिंह का नाम लेते हुए आरोप लगाया था कि इन लोगों ने उन्हें बदनाम करने का काम किया.
आकाश यादव ने दर्ज कराया था मामला
बाद में अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव ने पटना कोर्ट में नालसी मुकदमा दायर किया.
उन्होंने आरोप लगाया कि 19 जून को तेजप्रताप यादव उनके घर में जबरन घुस आए थे और उज्जैनी से मिलने की कोशिश की. रोकने पर कथित तौर पर गंभीर परिणाम भुगतने और बच्ची का अपहरण कराने जैसी धमकी दी गई.
आकाश यादव ने यह भी कहा था कि उसी रात विदेश से खुद को लॉरेंस गैंग का सदस्य बताने वाले व्यक्ति ने फोन कर पूरे परिवार को धमकी दी थी. इस कारण परिवार ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी.
तेजप्रताप का पलटवार
इन आरोपों के बाद तेजप्रताप यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि आकाश यादव और उनके परिवार की ओर से उनसे पैसों की मांग की जाती थी. उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया.
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तस्वीरों से शुरू हुआ था पूरा विवाद
यह विवाद सबसे पहले 24 मई 2025 को सामने आया था. उस दिन तेजप्रताप यादव के सोशल मीडिया अकाउंट से अनुष्का यादव के साथ तस्वीरें पोस्ट की गई थीं. पोस्ट में दावा किया गया था कि दोनों पिछले 12 वर्षों से रिलेशनशीप में हैं.
कुछ देर बाद पोस्ट हटा दी गई. इसके बाद तेजप्रताप यादव ने कहा कि उनका सोशल मीडिया अकाउंट हैक हो गया था और तस्वीरों के साथ किया गया पोस्ट फर्जी था.
हालांकि, इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों की कई अन्य तस्वीरें और वीडियो भी वायरल हुए. इनमें शादी और करवा चौथ मनाने जैसे दावे भी किए गए.
लालू परिवार और पार्टी से भी हुए थे अलग
अनुष्का यादव के साथ तस्वीरें वायरल होने के बाद तेजप्रताप यादव का मामला राजनीतिक रूप से भी बड़ा मुद्दा बन गया था. इसके बाद उन्हें राष्ट्रीय जनता दल और लालू परिवार, दोनों से अलग कर दिया गया. इसकी जानकारी लालू यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सार्वजनिक की थी.
