Anganwadi Kendra: (पटना से प्रह्लाद कुमार की रिपोर्ट)
बिहार में एक लाख 14 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों की डुप्लीकेसी का थर्ड पार्टी ऑडिट कराने का निर्णय लिया गया है. समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में जिलों से मिली जानकारी में पाया गया कि कई ऐसे केंद्र हैं, जहां बच्चों की संख्या 200 से अधिक है.
इस कारण विभाग ने फैसला लिया कि नामांकित बच्चों की संख्या का सही आंकड़ा जुटाया जाएगा. इसके लिए विभाग के स्तर पर जल्द ही गाइडलाइन जारी किया जाएगा. जिसमें थर्ड पार्टी जांच के लिए एजेंसी का चयन होगा और उनके माध्यम से सभी केंद्रों की जांच होगी.
डुप्लीकेसी पर की जाएगी कार्रवाई
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, हर केंद्र पर कम से कम 40 बच्चों का नामांकन होना तय है. इससे कम बच्चों का नामांकन नहीं होना है. इस कारण कई केंद्रों पर सेविका-सहायिका डुप्लीकेसी कर रहे है और बच्चों की संख्या बढ़ा कर दिखा रहे है. ऐसे सभी केंद्रों की पहचान थर्ड पार्टी ऑडिट में चिन्हित किया जाएगा.
जांच में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित सेविका-सहायिका पर कार्रवाई की जाएगी और उनको सेवा से मुक्त तक कर दिया जाएगा. साथ ही इसमें उस केंद्र से जुड़ी एलएस, सीडीपीओ से भी शोकॉज मांगा जाएगा. स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं होने पर विभागीय स्तर पर इनके ऊपर भी कार्रवाई की जाएगी.
ऐसे हो रहा है डुप्लीकेसी
जानकारी के मुताबिक, केंद्रों पर सेविका-सहायिका डुप्लीकेसी कराने के लिए एक ही बच्चे का नामांकन माता-पिता दोनों के आधार पर किया जा रहा है. इस कारण एक ही बच्चे का दो बार एक ही या दूसरे केंद्र पर नामांकन हो रहा है. कुछ केंद्रों पर सर्वव्यापीकरण योजना के तहत अधिक बच्चों का नामांकन दिखाया जा रहा है.
इस योजना के तहत एक केंद्र पर उस वार्ड के वैसे सभी बच्चों को जोड़ा जा सकता है, जो योजना का लाभ लेने के इच्छुक है. इसमें केंद्र की दूरी मान्य नहीं होती है. लेकिन एक सप्ताह पहले निदेशालय के निर्देश पर जिलों में समीक्षा की गई, तो कई सेंटरों पर डुप्लीकेसी के संकेत मिले हैं.
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