Airport In Bihar: (पटना से अनुपम कुमार की रिपोर्ट)
बिहटा एयरपोर्ट के निर्माण कार्य से जुड़ा अपडेट आ गया है. इस एयरपोर्ट पर यात्री टर्मिनल के निर्माण के लिए 24 महीने की समय सीमा तय है. अप्रैल 2025 में शुरू परियोजना को 31 मार्च 2027 तक पूरी होनी है. लेकिन, 14 महीने में पांच प्रतिशत काम ही हुआ है. ऐसे में बाकी के बचे 10 महीने में 95 प्रतिशत काम को तय समय के अंदर पूरा करना चैलेंजिंग माना जा रहा है.
तीन-चार महीने देर से शुरू हुआ था काम
जानकारी के मुताबिक, टर्मिनल भवन का निर्माण कार्य अप्रैल 2025 में शुरू होना था, लेकिन यह तीन-चार महीने देर से जून-जुलाई में शुरू हुआ. पहले फेज में फाउंडेशन वर्क होना है. लेकिन 14 महीने बाद भी यह काम पूरा नहीं हुआ है. इसके लिए कई जगहों पर गड्डा खोद कर छोड़ दिया गया है. बीते तीन-चार महीने से काम की रफ्तार और भी धीमी हो गई है.
परियोजना से जुड़े अधिकारी की माने तो, जब भी एजेंसी से पूछा जाता है तो, वह अगले महीने से काम में तेजी लाने का आश्वासन देकर बात टाल देती है. लेकिन अब तक ऐसा कोई प्रयास नहीं दिखा. एजेंसी के काम की बेहद धीमी रफ्तार और कुछ दिनों से इसके बिल्कुल बंद होने की जानकारी एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया को दे दी गई है.
450 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा एयरपोर्ट टर्मिनल
बिहटा एयरपोर्ट टर्मिनल का निर्माण प्रोजेक्ट 450 करोड़ रुपये का है. इस राशि से 50 लाख सालाना यात्री क्षमता वाला दो मंजिला टर्मिनल बनना है. इसमें पटना एयरपोर्ट की तरह ही ग्राउंड फ्लोर पर एराइवल और फर्स्ट फ्लोर पर डिपार्चर सेक्शन होगा. लेकिन, इतने बड़े प्रोजेक्ट के बावजूद इन दिनों निर्माण स्थल पर काम करने वाली एजेंसी के सिर्फ चार-पांच कर्मी ही मौजूद हैं.
1400 करोड़ का पूरा प्रोजेक्ट
बिहटा एयरपोर्ट पर टर्मिनल और उससे जुड़ी सुविधाओं के विकास का पूरा प्रोजेक्ट 1400 करोड़ रुपये का है. इसमें टर्मिनल भवन और एप्रन के निर्माण पर 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि मल्टी लेवल कार पार्किंग, रेसिडेंशियल बिल्डिंग निर्माण और एप्रन एक्सटेंशन जैसे कार्यों पर 900 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
बिहटा एयरपोर्ट पर एप्रन का काम जारी
जानकारी के मुताबिक, बिहटा एयरपोर्ट पर एप्रन का निर्माण भी चल रहा है. बीते दिसंबर महीने में 50 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट की शुरूआत हुई और 15 महीने में इसके अंतर्गत बिहटा एयरपोर्ट पर यात्री विमानों के लिए 10 पार्किंग वे बनाने हैं. पांच महीन में इसका लगभग 15 प्रतिशत काम पूरा हो गया है और अगर इसकी गति थोड़ी और तेज कर दी जाएगी, तो यह निर्धारित समय सीमा में पूरा हो जाएगा.
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