Airport In Bihar: बिहार के कैमूर जिले में एयरपोर्ट बनाने को लेकर सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है. इससे कैमूर जिले के साथ-साथ इसके आस-पास के जिले में रह रहे लोगों को भी फायदा हो सकेगा. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद ही कुछ महीने पहले ही कैमूर जिले में एयरपोर्ट बनाए जाने की बात कही थी.
मुख्यमंत्री ने खुद किया था ऐलान
कैमूर जिले के मां मुंडेश्वरी धाम में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इसी कार्यक्रम में अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट बनाए जाने की बात कही थी. सीएम के इस ऐलान के बाद जिला प्रशासन एक्शन मोड में है. एयरपोर्ट निर्माण के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है. एयरपोर्ट बनाने के लिए जमीन का चयन भी कर लिया गया है.
कैमूर जिले में पर्यटन को बढ़ावा
कैमूर जिले में एयरपोर्ट का बनना इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि जिले में पर्यटन को खास तौर पर बढ़ावा मिल सकेगा. एयरपोर्ट के बनने से पूरे शाहाबाद इलाके में कनेक्टिविटी मजबूत हो सकेगी. कैमूर जिले में कई डैम और वॉटरफॉल हैं, जहां काफी संख्या में लोग घूमने पहुंचते हैं. कैमूर जिले में प्रसिद्ध मां मुंडेश्वरी धाम, तेलहर कुंड, दुर्गावदी जलाशय डैम, करकटगढ़ वॉटरफॉल, करमचट डैम, जगदहवा डैम समेत कई घूमने की जगहें हैं, जहां लोग अब आसानी से पहुंच सकेंगे.
सरकार को भेजा गया प्रस्ताव
जानकारी के मुताबिक, वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे के पास में ही कैमूर एयरपोर्ट बनेगा. यह इस प्रोजेक्ट की खासियत मानी जा रही है. एक्सप्रेसवे के पास में ही लगभग 161 एकड़ की जमीन चिन्हित की गई है. कैमूर जिला प्रशासन की ओर से इस जमीन पर एयरपोर्ट बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है. इस पर मंजूरी मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया की जाएगी.
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इस इलाके में जमीन चिन्हित
बताया जा रहा है कि जिला प्रशासन की ओर से रामपुर प्रखंड के रामपुर, सबार एवं पाली मौजा में 161 एकड़ की जमीन को चिन्हित किया गया है. इस योजना को लेकर कैमूर के डीएम ने हाल ही में अधिकारियों के साथ बैठक की थी. लेकिन फिलहाल मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है. प्रस्ताव स्वीकृत होने पर ही एयरपोर्ट का निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा.
कैमूर जिले को फायदा
कैमूर जिले में एयरपोर्ट का निर्माण बेहद खास माना जा रहा है. इससे जिले के बुनियादी ढांचे में सुधार, रोजगार, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिल सकेगा. साथ ही कैमूर जिले का जुड़ाव दूसरे राज्यों से आसानी से हो सकेगा. पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी भी हो सकेगी. इस तरह से जिले को एक नई पहचान मिल सकती है.
