स्कूल के बाद अब कॉलेज की बारी, बिहार में प्राध्यापकों के पद सृजन की तैयारी

प्रदेश में उच्च शिक्षा की बेहतरी के लिए बनायी गयी पांच समितियों में एक नैक समिति विश्वविद्यालयों में शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात को संतुलित करने की दिशा में अहम कदम उठायेगी. इस दिशा में यह समिति खास तरीके से मंथन कर रही है.

पटना. प्रदेश में उच्च शिक्षा की बेहतरी के लिए बनायी गयी पांच समितियों में एक नैक समिति विश्वविद्यालयों में शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात को संतुलित करने की दिशा में अहम कदम उठायेगी. इस दिशा में यह समिति खास तरीके से मंथन कर रही है.

नैक समिति बहुत जल्दी ही समस्त विश्वविद्यालयों से पद सृजित करने के लिए निर्देश देने जा रही है. दरअसल यह समिति ऐसे बहुत से मसले पर अभी अपने स्तर पर मंथन करके विश्वविद्यालयों को अनुशंसा करेगी.

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक प्रदेश में नये विषयों की पढ़ाई शुरू की जानी है. अभी तक उन पदों के लिए विश्वविद्यालयों में पद सृजित नहीं किये गये हैं. लिहाजा शिक्षा विभाग चाहता है कि नये विषयों को चिह्नित कर उनके लिए पद सृजित किये जाएं.

इसी तरह प्रदेश के विश्वविद्यालयों में महिला फैकल्टी के लिए क्रेश (शिशु केंद्र) स्थापित करना है. जानकारी के मुताबिक नैक समिति शोध प्रबंध पर विचार मंथन कर रही है. नैक समिति जल्द ही प्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों से कहेगी कि वह अपने निकटवर्ती उद्योगों की आवश्यकतानुसार शोध परियोजना शिक्षक एवं विभाग के माध्यम से पूरी कराएं.

दरअसल शोध को औद्योगिक और व्यापारिक उपयोगिता के हिसाब से प्रोत्साहित करने की योजना है. दरअसल नैक कॉलेजों को यह अनुशंसा करने जा रहा है कि वह अपने स्तर पर शोध परियोजना प्रस्तुत करें.

Posted by Ashish Jha

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Published by: Prabhat khabar news desk

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