बिहार में 50 साल पुराने पुलों का होगा ऑडिट, इन जगहों पर बनाये जाएंगे नये पुल

देश के विभिन्न हिस्सों में पुराने और बदहाल पुलों के ढहने की घटनाओं के बाद अब केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने पचास साल पुराने सभी पुलों का तत्काल ऑडिट करने का निर्देश दिया है. अधिक जानकारी के लिए पढ़ें पूरी खबर...

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 21, 2022 1:43 AM

पटना: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने पचास साल पुराने सभी पुलों का तत्काल ऑडिट करने का निर्देश दिया है. साथ ही हर महीने की दस तारीख को इससे संबंधित रिपोर्ट तलब की है.

कमी पाये जाने वाले पुलों को किया जाएगा दुरुस्त

मंत्रालय ने इस संबंध में एनएचएआइ और एनएचआइडीसीएल से कहा है कि ऑडिट में कमी पाये जाने वाले पुलों की तुरंत मरम्मत की जाये. साथ ही पुलों का लोड कम करने के लिए ट्रैफिक में कमी की जाये. इसके लिए अधिकतम तीन महीने की समयसीमा तय की गई है.

पुलों की मरम्मत और रखरखाव के लिए मिलेगी मंजूरी

मंत्रालय ने यह कदम हाल में देश के विभिन्न हिस्सों में पुराने और बदहाल पुलों के ढहने की घटनाओं के बाद उठाया है. मंत्रालय ने कहा है कि पुलों की मरम्मत और रखरखाव के प्रस्तावों को इसी वित्तीय वर्ष में मंजूरी मिलेगी. साथ ही रखरखाव की प्रक्रिया पूरी होने तक अस्थायी उपायों के जरिये पुलों और लोगों की सुरक्षा के कदम उठाए जाएंगे.

बिहार में बीते 17 साल में 6210 पुलों का हुआ निर्माण

बता दें कि साल 2005 से लेकर अब तक राज्य में 6210 पुलों का निर्माण किया गया है. इसमें 21 मेगा पुल हैं. जबकि 1171 पुल 60 मीटर लंबे हैं. वहीं 5018 पुल 60 मीटर से कम लंबाई के हैं. इसके अलावे इससे पहले जितने भी पुल बने है, सभी की ऑडिट करायी जाएगी.

बिहार में गंगा नदी पर 14 पुल होंगे

अगले कुछ वर्षों में बिहार में गंगा नदी पर 14 पुल होंगे. इनमें पांच पुलों पर आवागमन चालू है. छह और पुल बनाये जा रहे हैं, जो 2025-26 तक बन कर तैयार हो जायेगा. जानकारों का कहना है कि गंगा नदी में नये पुल के निर्माण से महात्मा गांधी सेतु पर भार कम होगा. वैसे 7 जून को गांधी सेतु का पूर्वी लेन भी आवाजाही के लिए खोला जा रहा है. करीब 23 साल बाद गंगा सेतु पर नयी संरचना के साथ सभी चार लेन पर आवाजाही शुरू होगी. इधर, केंद्र सरकार द्वारा गंगा नदी पर तीन नये पुल बनाने संबंधी प्रस्ताव पारित है. हाल ही में विक्रमशिला सेतु के समानांतर नये पुल के निर्माण की घोषणा हुई है.

चार नदियों पर बन रहा पुल

मानसी और सहरसा के बीच बेहतर संपर्क के लिए चार नदियां कोसी नदी, पुरानी कोसी, कात्यायनी नदी एवं बागमती नदी पर सड़क पुल बनाया जायेगा. करीब 514 करोड़ की पहले फेज की इस परियोजना से खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा व सुपौल जिले के लोगों को सीधा फायदा होगा. इसमें धनछर से बदला बांध तक बड़ी बाधा चार नदियों पर बड़े पुल के निर्माण को लेकर थी.

मोदी सरकार के दौरान बिहार में बने नये पुल

  1. आरा बबुरा-डोरीगंज छपरा- 4. 50 किलोमीटर- 676 करोड़ खर्च

  2. बख्तियारपुर- ताजपुर फोर लेन सड़क पुल – गंगा- 5. 52 किलोमीटर- – 1602 करोड़

  3. कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह लेन सड़क पुल-गंगा – 9. 75 किलोमीटर- 5000 करोड़

  4. सुल्तानगंज-अगुवानी फोर लेन सड़क पुल -गंगा- 3. 16 किलोमीटर

  5. मनिहारी-साहेबगंज फोर लेन सड़क पुल -गंगा- 6 किलोमीटर – 1906 करोड़

मोदी सरकार के द्वारा प्रस्तावित नये पुल

  • महात्मा गांधी सेतु के समानांतर अप स्ट्रीम में 5. 5 किलोमीटर नया सड़क पुल. पुल के निर्माण पर लगभग 5000 करोड़ खर्च अनुमानित .

  • राजेंद्र सेतु के समानांतर डाउन स्ट्रीम में नया रेल सह सड़क पुल.

  • विक्रमशिला सेतु के समानांतर नये सड़क पुल

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